रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास पर करम मिलन समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया
रांची: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा करम पर्व हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्रकृति के साथ हमारे सदियों पुराने आत्मीय संबंध का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है। इस विरासत को सहेजना, उसका सम्मान करना और नई पीढ़ी तक इसके मूल्यों को पहुंचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
इसी भावना के साथ रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद श्री संजय सेठ के नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर रोड आवास पर आज शाम 6 बजे से करम मिलन समारोह का आयोजन किया गया
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा ने कहा कि करम केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच सदियों से चले आ रहे आत्मीय रिश्ते की जीवंत अभिव्यक्ति है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया झारखंड की लोक-संस्कृति में करम पर्व का विशेष स्थान है। यह हमें अपनी जड़ों, परंपराओं और प्रकृति के संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। राष्ट्रीय राजधानी में इस आयोजन का उद्देश्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देशभर के लोगों के सामने प्रस्तुत करना और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना है।
केंद्रीय मंत्रीकिरण रिजू ने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा दायित्व है। करम पर्व इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है।
इस करम मिलन समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष शाह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओरांव, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय सूचना आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल सहित अनेक मंत्री, सांसद एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा , हम सभी मिलकर अपनी लोक-संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के संरक्षण के संकल्प को मजबूत करें तथा झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास करें।


