नगर विकास विभाग के सचिव संग झारखण्ड चैम्बर की वार्ता
रांची: जमशेदपुर स्थित टाटा कमांड एरिया में नवनिर्मित भवनों एवं आवासीय परिसरों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्युत एवं पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पाने की समस्या, बाजार टांड स्थित दुकानों के किराया विवाद और ट्रांसपोर्ट नगर का संचालन अब तक प्रारंभ नहीं होने पर आवश्यक कार्रवाई हेतु आज झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष तुलसी पटेल के नेतृत्व में नगर विकास विभाग के सचिव सुनील कुमार से मुलाकात की।
चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल और कोल्हान प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने विभागीय सचिव को अवगत कराया कि टाटा कमांड एरिया में कई ऐसे मामले हैं, जहां भवन का निर्माण पूरा हो चुका है और भवन पूरी तरह उपयोग योग्य है, लेकिन ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के अभाव में बिजली और पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। इससे भवन मालिकों एवं आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुराने भवनों में विद्युत भार बढ़ाने, नया कनेक्शन लेने अथवा अन्य सामान्य उपयोगिता संबंधी आवश्यकताओं के मामलों में भी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की अनिवार्यता व्यवहारिक कठिनाइयां उत्पन्न कर रही है।
चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि भवन निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि वैध एवं उपयोग योग्य भवनों को बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से अनावश्यक रूप से वंचित न होना पड़े। उन्होंने कहा कि आवश्यक निरीक्षण एवं निर्धारित औपचारिकताओं के बाद ऐसे भवनों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्पष्ट और सरल व्यवस्था होनी चाहिए। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि जमशेदपुर के व्यवसायियों एवं नागरिकों की यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। विशेषकर पुराने भवनों में केवल विद्युत भार वृद्धि या सामान्य उपयोगिता संबंधी कार्यों के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट को अनिवार्य करने से अनावश्यक प्रक्रियात्मक जटिलता बढ़ रही है। उन्होंने विभाग से इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने यह सुझाया कि भवन निर्माण नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित रखते हुए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें आवश्यक निरीक्षण एवं औपचारिकताओं के बाद उपयोग योग्य भवनों को विद्युत एवं पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही पुराने एवं पूर्व से अस्तित्व में रहे भवनों में विद्युत भार वृद्धि, नया कनेक्शन अथवा अन्य सामान्य उपयोगिता संबंधी मामलों में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को व्यवहारिक दृष्टिकोण से देखा जाए।
चैंबर अध्यक्ष ने विभागीय सचिव से आग्रह किया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं नगर निकायों को व्यवहारिक व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाय। आवश्यकता पड़ने पर झारखंड चैंबर एवं सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर इस समस्या के स्थायी समाधान पर भी विचार किया जा सकता है। चैम्बर उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय ने ट्रांसपोर्ट नगर को यथाशीघ्र ट्रांसपोर्टर्स को सुपुर्द कर, संचालन प्रारम्भ करने का आग्रह किया। सह सचिव अमित शर्मा और सह सचिव पूजा ढाढा ने भवन नियमितीकरण योजना की अवधि में विस्तार का आग्रह किया।
विभागीय सचिव सुनील कुमार ने झारखण्ड चैम्बर के सभी सुझाव पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। चैम्बर अध्यक्ष ने बाजार टांड स्थित दुकानों के किराया विवाद के स्थाई समाधान हेतु नगर विकास विभाग, झारखण्ड चैम्बर और नगर आयुक्त की को-ऑर्डिनेशन कमिटी बनाने का सुझाव दिया। यह कहा कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष तुलसी पटेल, उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विजय आनंद मूनका, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा, सह सचिव पूजा ढाढा सहित अन्य सदस्य शामिल थे।


