ट्यूलिप अस्पताल के समर्थन में आईएमए, निलंबन की कार्रवाई को बताया गलत
रांची : ट्यूलिप अस्पताल में मरीज और अस्पताल प्रबंधन के बीच हुए विवाद के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल की सेवाओं के निलंबन के आदेश पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। सोमवार को करमटोली स्थित आईएमए सभागार में आईएमए पदाधिकारियों ने ट्यूलिप अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएमए के डॉक्टरों ने कहा कि किसी विवाद की स्थिति में अस्पताल प्रबंधन को शो-कॉज नोटिस जारी किया जा सकता था, लेकिन सीधे अस्पताल की सेवाओं को निलंबित करने का आदेश उचित नहीं है।
आईएमए ने कहा कि अस्पताल में गंभीर मरीजों का इलाज होता है और चिकित्सक उनकी जान बचाने का काम करते हैं। ऐसे में किसी विवाद के आधार पर अस्पताल की सेवाओं को बंद करने का फैसला मरीजों के हित में नहीं है। आईएमए ने स्पष्ट किया कि वह ट्यूलिप अस्पताल प्रबंधन के साथ खड़ा है। आईएमए के डॉक्टर मंगलवार को रांची के सिविल सर्जन से मुलाकात कर पूरे मामले से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे और निलंबन की कार्रवाई के आधार के बारे में जानकारी लेंगे।
वहीं, रांची सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश कुमार ने कहा कि आईएमए किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करता है। अस्पताल प्रबंधन से जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा कर दिए जाते हैं और जांच में सबकुछ सही पाया जाता है, तो निलंबन की कार्रवाई नहीं होगी।
ट्यूलिप अस्पताल के डॉक्टरों ने भी मरीज के परिजनों के साथ मारपीट के आरोप से इनकार किया। डॉक्टरों ने कहा कि मरीज की स्थिति बेहद गंभीर थी और अस्पताल की टीम ने उसका इलाज कर उसकी जान बचाने का प्रयास किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टर अनंत सिंहा सहित कई डॉक्टर मौजूद थे।


