सदाबहार गायक कलाकार किशोर कुमार की 97वीं जयंती मनाई गई
खूंटी: भारतीय संस्कृति फिल्मी सिंधु के बैनर तले शहीद भगत सिंह चौक पर प्रख्यात कलाकार किशोर कुमार की 97वीं जयंती संगीत सह सिने प्रेमियों के द्वारा धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में हर दिल पर राज करने वाले महान गायक – कलाकार किशोर कुमार के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। स्थानीय कलाकारों ने उनके स्मृति में उनके गाये गीत हम बेवफा हरगिज ना थे,दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा,पल-पल दिल के पास,ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना आदि गीत गाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के संबोधन में भारतीय संस्कृति फिल्मी सिंधु के अध्यक्ष डॉ दीपक कुमार घोष ने कहा कि किशोर कुमार का जन्म 4अगस्त 1929को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था।इनके द्वारा गाए गीत जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार करते हैं । किशोर दा ने हिंदी फिल्म में 600 के करीब गीत और बांग्ला में 150से अधिक गीत गाया है। इनके सैकड़ों गीत बहुत प्रसिद्ध हुए। कोई हसीना जब रुठ जाती है,मेरे सपनों की रानी कब आओगी,छूकर मेरे मन को,ओ मेरे दिल के चैन सहित अनेक हैं। इनके गीत बिनाका गीत माला में छाये रहते थे।एक उम्दा गायक, कलाकार के साथ साथ फिल्म लेखन – निर्देशन में भी इनकी धाक रही। उत्कृष्ट गायन के लिए इन्हें आठ बार फिल्म फेयर अवार्ड दिया गया।जबतक दुनिया रहेंगी, इनके गीत दुनिया को अपने अंदाज में सुख दुःख में सकारात्मक भाव भरते रहेंगे। जीवन सफ़र के माहिर गीतकार,कवि, लेखक,समीक्षक और समाजसेवी मुरहू के डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि हंसते गाते जीनियस किशोर कुमार के बिना फिल्मी दुनिया अधूरी है।पर्दे के पीछे बेजोड़ गायक, पर्दे पर शानदार अभिनय, कामेडी में किंग रहे किशोर कुमार आज 96वर्षो बाद भी प्रासंगिक हैं।लोग इनके गीतों को बड़े चाव से सुनते हैं , और गायन की गहराई को समझकर,महान गायक को याद करते हैं। गीत कितना भी टेढा मेढा, कठिन या उतार -चढ़ाव भरा हो, एक मात्र किशोर दा ही दिलों में उतारने की क्षमता रखते थे। जिंदगी एक सफर है सुहाना, घुंघरू की तरह मै बजता ही रहा हूं,एक चतुर नार करके सिंगार,जानी ओ जानी तमाम गीत हमें सदा जीवन को ऊर्जावान बनाए रखेंगे।हम लेजेंड गायक-कलाकार को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। जयंती पर मेंबर जितेन्द्र पांडे,योग गुरु अनुप कुमार राय, तुलसी प्रजापति,सिने प्रेमी ध्रुवेन्द्र भास्कर, किशोर ठाकुर, राधेश्याम भगत, विष्णु देव,प्रेमनाथ,टुनेश्वर मुंडा, कृष्णा भगत आदि ने श्रद्धांजलि दिया।

