जेआरजीए फाउंडेशन ने लॉन्च किया झारखंड सिल्क कॉरिडर-फॉरेस्ट टू फैशन फॉरवर्ड पोस्टर, सितंबर में होगा 120 दिवसीय इंडस्ट्री डेमोंस्ट्रेशन शोकेस
रांची: झारखंड के टेक्सटाइल एवं अपैरल उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में जेआरजीए और अपेरल फाउंडेशन ने शनिवार को झारखंड सिल्क कॉरिडर-फॉरेस्ट टू फैशन फॉरवर्ड पोस्टर के तहत इंडस्ट्री डेमन्स्ट्रैशन मॉडेल-2026 के पोस्टर का लोकार्पण किया। यह कार्यक्रम सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले 120 दिवसीय इंडस्ट्री डेमोंस्ट्रेशन पायलट के सार्वजनिक अभियान की औपचारिक शुरुआत है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि रोशनी खलखो और विशिष्ट अतिथि मनीषा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर दोनों अतिथियों को जेआरजीए फाउंडेशन की ओर से स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में टेक्सटाइल, अपैरल, उद्योग, शिक्षा, सामाजिक और उद्यमिता क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिष्ठित लोगों ने भाग लिया।
जेआरजीए फाउंडेशन की संयुक्त सचिव डॉ. सीमा सिंह ने संस्था के विजन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि झारखंड के तसर सिल्क, जनजातीय कला, स्थानीय कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को एक साझा मंच प्रदान कर राज्य को “लोकल टू ग्लोबल” पहचान दिलाना संस्था का उद्देश्य है।
वहीं, संस्था की प्रिंसिपल–फैशन खुशी काकन ने बताया कि इंडस्ट्री डेमोंस्ट्रेशन मॉडेल- 2026 केवल मॉडल चयन कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड की तसर सिल्क, टेक्सटाइल, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने की एक व्यापक पहल है।
जेआरजीए फाउंडेशन अध्यक्ष अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि संस्था सरकार, उद्योग, शैक्षणिक एवं वित्तीय संस्थानों को एक मंच पर लाकर झारखंड में मजबूत टेक्सटाइल एवं अपैरल इकोसिस्टम विकसित करने का प्रयास कर रही है। उनका विश्वास है कि यह मॉडल भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय उदाहरण बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान मॉडल पंजीकरण प्रक्रिया का भी शुभारंभ किया गया। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ पंजीकरण कराया और प्रस्तावित परिधानों के डिजाइन कॉन्सेप्ट्स का अवलोकन किया। प्रश्नोत्तर सत्र और हाई-टी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


