बाबा के दर से लौटे, लेकिन घर की चौखट तक न पहुंच सके: बाबा संग सेल्फी आख़िरी याद बन गई
भागलपुर। बाबा बैद्यनाथ धाम में जल चढ़ाकर लौट रहे दो दोस्तों ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि मंदिर से घर तक का सफर उनकी जिंदगी का आख़िरी सफर बन जाएगा। दर्शन के बाद परिवार को भेजी गई मुस्कुराती तस्वीर कुछ ही घंटों में आख़िरी निशानी बन गई और जिस घर में उनके लौटने की तैयारी थी, वहां मातम पसर गया।बाबा के दर से लौटे, लेकिन घर की चौखट तक न पहुंच सके। बाबा संग सेल्फी आख़िरी याद बन गई।
झारखंड के दुमका जिले के जर्मुडी थाना क्षेत्र के घोरटोपी गांव के पास शुक्रवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में भागलपुर के चंपानगर थाना क्षेत्र स्थित साहेबगंज मोहल्ले के 21 वर्षीय सन्नी कुमार और 22 वर्षीय अनिकेत कुमार की मौत हो गई। दोनों अपने छह दोस्तों के साथ चार बाइकों पर सवार होकर देवघर से भागलपुर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक सामने चल रहे एक ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया।
स्थानीय लोगों और साथियों ने दोनों युवकों को जर्मुडी रेफरल अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें दुमका के फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे ने सिर्फ दो जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि दो परिवारों की उम्मीदें भी छीन लीं। अनिकेत अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। पिता का दो साल पहले निधन हो चुका था। बुजुर्ग मां और छोटे भाई की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। राजापाकड़ की एक दुकान में काम कर वह घर चलाता था। उसकी मौत के बाद परिवार बेसहारा हो गया है।
वहीं सन्नी कुमार भी अपने माता-पिता का सहारा था। उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। साहेबगंज मोहल्ले की गलियों में अब सिर्फ सन्नाटा और सिसकियां सुनाई दे रही हैं।
परिजनों के मुताबिक, बाबा धाम में दर्शन के बाद दोनों दोस्तों ने मोबाइल से एक तस्वीर खींचकर घर भेजी थी। किसी ने नहीं सोचा था कि वह तस्वीर उनकी आख़िरी सलाम बन जाएगी। परिवार को इंतजार था कि कुछ घंटों में बेटे घर पहुंचेंगे, लेकिन सुबह आई एक फोन कॉल ने सारी खुशियां छीन लीं।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए हैं। फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश जारी है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।एक सड़क हादसा… और दो घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।


