देश की चार चुनिंदा परियोजनाओं में चमका एनटीपीसी कहलगांव, रिश्वतखोरी रोकने की कसौटी पर सफल

भागलपुर। एनटीपीसी कहलगांव ने पारदर्शी और जवाबदेह कार्यसंस्कृति की दिशा में एक अहम उपलब्धि दर्ज की है। परियोजना में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा 15 और 16 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय एंटी-ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम (एबीएमएस) स्टेज-2 ऑडिट सफलतापूर्वक पूरा हो गया। ऑडिट टीम ने परियोजना की कार्यप्रणालियों, अभिलेखों और भ्रष्टाचार-निरोधी प्रबंधन प्रणाली के अनुपालन का गहन मूल्यांकन किया।
बीआईएस की टीम का नेतृत्व विशेषज्ञ दिव्येंदु चक्रवर्ती ने किया, जबकि यू.एस.पी. यादव ने ऑडिटर एवं विशेषज्ञ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता परियोजना प्रमुख रविन्द्र शर्मा ने की, जबकि समापन सत्र का नेतृत्व महाप्रबंधक (ओएंडएम) मनोरंजन परिडा ने किया। पूरे ऑडिट का समन्वय सतर्कता विभाग के एजीएम शौविक बरुआ के नेतृत्व में किया गया।
ऑडिट के दौरान बीआईएस टीम ने परियोजना के विभिन्न विभागों की प्रक्रियाओं का बारीकी से परीक्षण किया। टीम ने एनटीपीसी कहलगांव के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग, पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा आधुनिक डिजिटल सिस्टम की सराहना की।
समीक्षा से संतुष्ट होकर बीआईएस ने एनटीपीसी कहलगांव को स्टेज-2 एबीएमएस प्रमाणन देने की अनुशंसा की है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि पूरे देश में एनटीपीसी की केवल चार चुनिंदा परियोजनाओं को इस स्तर के ऑडिट के लिए चुना गया था और कहलगांव ने इसे सफलतापूर्वक पूरा कर अपनी साख को और मजबूत किया है।
यह उपलब्धि न केवल परियोजना की पारदर्शी कार्यशैली का प्रमाण है, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सुशासन और भ्रष्टाचार-निरोधी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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