राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में की पूजा-अर्चना, ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंजा धुर्वा मंदिर परिसर
रांची: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ मंदिर में गुरुवार को आयोजित भव्य रथयात्रा महोत्सव में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन शामिल हुए। तीनों ने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींच कर शुभारंभ किया।

रथयात्रा के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ से खचाखच भरा रहा। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष के बीच भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को विशेष पूजा-विधि के साथ मंदिर से रथ पर विराजमान कराया गया। पूरे वातावरण में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, लोकपरंपरा और जन-आस्था का महापर्व है। यह उत्सव सेवा, समर्पण, समानता और लोककल्याण का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधित करते हुए कहा कि जगन्नाथपुर मंदिर की भव्यता को और बड़ी पहचान दिलायी जायेगी। इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर की दूर से ही पहचान हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा मंदिर को जोड़ने वाली सड़क पर भव्य तोरणद्वार का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि रथयात्रा महोत्सव का पूरे साल श्रद्धालुओं द्वारा इंतजार किया जाता है। आज यहां श्रद्धालुओं की उपस्थिति जगन्नाथपुर मंदिर की दिव्यता, भव्यता और आकर्षण को स्पष्ट करता है। आने वाले समय में यह रथयात्रा मेला को और सफल तथा प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में सद्भाव, एकता और सामूहिक चेतना को भी नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
उल्लेखनीय है कि रांची के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्रतिवर्ष पुरी की विश्वविख्यात रथयात्रा की तर्ज पर यह महोत्सव आयोजित किया जाता है।


