लोकतंत्र के सजग प्रहरियों को सलाम : 19 राज्यों के बीएलओ को मिलेगा 6,000 रूपए का विशेष मानदेय
रांची (गणादेश) : भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद यानी मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाए रखने में हमारे बीएलओ और उनके सुपरवाइज़र सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपनी परवाह किए बिना, विपरीत मौसम में घर-घर जाकर मतदाताओं का सटीक सत्यापन करने वाले इन जमीनी प्रहरियों की अथक मेहनत को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बड़ा सलाम भेजा है। आयोग ने देश के 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में जुटे सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों को 6,000 रूपए का एकमुश्त विशेष मानदेय देने की घोषणा की है।
भारी कार्यभार और मेहनत का मिला इनाम
आयोग के सचिव पवन दीवान द्वारा जारी पत्र के मुताबिक, यह निर्णय पुनरीक्षण कार्य की जटिलता और जमीनी स्तर पर अत्यधिक कार्यभार को देखते हुए लिया गया है। ग्राउंड फोर्स की मेहनत को सराहने के उद्देश्य से मंजूर की गई यह सम्मान राशि बीएलओ को मिलने वाले उनके नियमित वार्षिक पारिश्रमिक के अतिरिक्त देय होगी।
इन 19 राज्यों के कर्मियों को सीधा फायदा
इस फैसले का सीधा लाभ दिल्ली (एनसीटी), हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड तथा पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों सहित देश के कुल 19 राज्यों के चुनाव कर्मियों को मिलेगा। इससे चुनावी डेटा को त्रुटिरहित बनाने में जुटे अमले का मनोबल काफी बढ़ेगा।
तत्काल अमल के लिए कड़े निर्देश
निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को पत्र भेजकर इस निर्देश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस आदेश को जल्द लागू किया जाए ताकि सभी हकदार कर्मियों तक यह राशि बिना किसी देरी के पहुंच सके।


