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भागलपुर से सम्राट चौधरी का बड़ा संदेश: 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों की शुरुआत, अपराधियों को चेतावनी – ‘अपराध छोड़ें या जेल जाएं’

प्रदीप विद्रोही,भागलपुर: भागलपुर के गोराडीह प्रखंड स्थित काशील गांव से बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत का शुभारंभ करते हुए इसे आजादी के बाद राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा कदम बताया। इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि नए डिग्री कॉलेजों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से जिन प्रखंडों में उच्च शिक्षा संस्थानों का अभाव था, वहां अब विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में स्नातक की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इससे गरीब एवं ग्रामीण परिवारों के बच्चों, विशेषकर छात्राओं को काफी लाभ होगा और शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम होगी।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 220 एकड़ जमीन ट्रांसफर:
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय विक्रमशिला की स्थापना के लिए 220 एकड़ की महत्वपूर्ण जमीन पूरी तरह से हस्तांतरित कर दी गई है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नालंदा विश्वविद्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में आए थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उन्होंने स्वयं इस केंद्रीय यूनिवर्सिटी का मुद्दा मजबूती से उठाया था। जमीन ट्रांसफर होने के बाद अब बहुत जल्द इस प्राचीन ज्ञान स्थली की भूमि पर भव्य भवनों और शैक्षणिक सत्र को शुरू करने की रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी।
कहलगांव से बटेश्वर स्थान तक बनेगा अत्याधुनिक रोपवे:
क्षेत्रीय विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहलगांव से प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बटेश्वर स्थान तक श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए एक अत्याधुनिक रोपवे निर्माण की योजना को भी हरी झंडी दे दी है। मंच पर मौजूद भागलपुर सांसद अजय मंडल, कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश और पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान से सीएम ने कहा कि वे जनता के विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग करते रहें। जनसभा में भागलपुर की डीएम अलंकृता पांडेय, एसएसपी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, महापौर डॉ. वसुंधरा लाल सहित एनडीए के तमाम विधायक और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में विकास का नया खाका खींचा गया।
अपराधियों को दोटूक चेतावनी:
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं है। अपराधियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि वे या तो अपराध का रास्ता छोड़ दें या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में स्थापित सुशासन और कानून के राज को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार सरकार भी उसी दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है।
जाति नहीं, अपराध होगा कार्रवाई का आधार:
मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अपराधियों की पहचान उनकी जाति, धर्म या सामाजिक पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि उनके अपराध से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और चाहे अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यापारियों, किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।
100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन:
न्यायिक प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे गंभीर मामलों का त्वरित निपटारा होगा और अपराधियों को जल्द सजा मिल सकेगी।
साइबर अपराध को वर्तमान समय की बड़ी चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के साइबर थानों को पूरी तरह सक्रिय किया गया है। सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अफवाह फैलाने, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने और अभद्र टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
एक करोड़ नए राशन कार्ड भी बनेंगे:
मुख्यमंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य में एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
शिक्षा और सुरक्षा पर सरकार का विशेष जोर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ओर युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाकर सुरक्षित एवं विकसित बिहार का निर्माण करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए डिग्री कॉलेजों, त्वरित न्याय व्यवस्था और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से राज्य विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
मंच पर उप मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री भी उपस्थित थे। सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं और आम लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान शिक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े उनके ऐलानों को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

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