कानून व्यवस्था हेमंत सरकार के नियंत्रण से बाहर, राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार : दीनदयाल बरनवाल
रांची : भारतीय जनता पार्टी, झारखंड प्रदेश के प्रवक्ता दीनदयाल बरनवाल ने राज्य में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह हेमंत सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। सरकार की प्रशासनिक विफलता और उदासीनता के कारण आज राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है। अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जबकि पुलिस तंत्र बेबस और असहाय दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि राजधानी रांची से लेकर औद्योगिक नगरी जमशेदपुर और राज्य के अन्य जिलों तक हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, बलात्कार एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। आम नागरिक अपने घरों से निकलने तक में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
श्री बरनवाल ने कहा कि जमशेदपुर में पुलिस वैन से खींचकर हिमांशु की हत्या किए जाने की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं थी कि मानगो में युवक राहुल की नृशंस हत्या कर दी गई। ऐसी घटनाएँ यह साबित करती हैं कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है और पुलिस की मौजूदगी भी अपराधियों के लिए चुनौती नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा कि राजधानी रांची में भी अपराधी लगातार पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। हाल ही में रांची शहर के सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र अशोक नगर में बिल्डरों के घरों में चोरी एवं डकैती की घटनाएँ हुईं, जिसने पुलिस व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर कर दिया है।
भाजपा प्रवक्ता ने महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में दुष्कर्म और महिला उत्पीड़न की बढ़ती घटनाएँ पूरे झारखंड को शर्मसार कर रही हैं। मानगो में शराब पिलाकर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म तथा गोड्डा में मोबाइल खोजने का झांसा देकर महिला से गैंगरेप जैसी घटनाएँ राज्य में फैली भयावह अराजकता और कानून व्यवस्था की बदहाली का स्पष्ट प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में हत्या, अपहरण, बलात्कार, चोरी और डकैती जैसी संगीन घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को विवश है। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि राज्य सरकार अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के बजाय केवल दिखावटी कार्रवाई करते हुए पुलिस अधिकारियों के तबादले और निलंबन तक सीमित है। इससे अपराध पर कोई अंकुश नहीं लग रहा, बल्कि अपराधी और अधिक बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रांची और जमशेदपुर अपराध का कैपिटल सिटी बन गया है। सूबे के मुख्यमंत्री ने बहुत ही ताम- झाम से सैकड़ो गाड़ियां पुलिस को सौंपी थी कि अब राज्य पूरी तरह अपराधी मुक्त होगा , पुलिस का इकबाल बरकरार रहेगा , परंतु लगता है अब वह सारी गाड़ियां अब बालू , लोहा और कोयला चोरी करने वालों से वसूली करने में लगी हुई है। ना कहीं सायरन दिखता है , ना ही कहीं गाड़ी दिखती है। लगता है कि वह गाड़ियां वसूली करने और सरकार की सेवा में पुलिस लग गई है ।
श्री बरनवाल ने कहा कि केवल पुलिस अधीक्षकों (SP) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) पर कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। आवश्यकता अपराध नियंत्रण के प्रति स्पष्ट नीति, सख्त प्रशासनिक इच्छाशक्ति और प्रभावी कानून-व्यवस्था की है, जिसका वर्तमान सरकार में पूरी तरह अभाव दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था “बद से बदतर” है। जबकि सरकार 5 स्टार होटल का आनंद लेने में मशगूल है। जिस राज्य की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो, जिस राज्य में मंत्री आपस में ही एक दूसरे को नीचा दिखाने में मशगूल हो,
जिस राज्य में मंत्री अवैध बालू निकासी में संलिप्त हों, जिस राज्य के वित्त मंत्री कहें कि राज्य की कानून व्यवस्था खराब हो गई हो, जिस राज्य में पहले से लगे इंडस्ट्री और व्यापार की हालत खराब हो, क्या ऐसी हालत में नए इन्वेस्टर के लिए MOU करना झारखंड वासियों के लिए धोखा नहीं है ? राज्य के इंडस्ट्रीयल एरिया , तुपुदाना, कोकर , देवीपुर की हालत पहले ठीक करें। वहां बिजली, पानी , सड़क सरकार मुहैया कराए, तब जाकर इन्वेस्टर्स मीट करें अन्यथा यह इन्वेस्टर मीट भी दबोस यात्रा जैसी टांय टांय फिस्स हो जाएगी और राज्य की जनता की गाढ़ी कमाई मौज-मस्ती में चली जाएगी।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि झारखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था को तत्काल नियंत्रित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएँ, अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रदेश की जनता को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।


