99,639 करोड़ के निवेश प्रस्ताव ने भाजपा के झूठ, जुमलों और 14 वर्षों की विफल राजनीति का पर्दाफाश कर दिया : विजय शंकर नायक

रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान 14 एमओयू तथा ₹99,639 करोड़ के प्रस्तावित निवेश ने भाजपा के उस झूठे नैरेटिव को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिसके सहारे वह वर्षों से विकास के नाम पर केवल प्रचार करती रही है। आज निवेशकों ने अपने निर्णय से बता दिया है कि विश्वास भाषणों पर नहीं, बल्कि नीतियों, स्थिरता और सुशासन पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को आज झारखंड की जनता के सामने जवाब देना चाहिए कि लगभग 14 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद राज्य औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति क्यों नहीं कर सका? यदि भाजपा का शासन इतना सफल था, तो हजारों उद्योग क्यों बंद हुए, लाखों युवा रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन क्यों करते रहे और निवेशकों का भरोसा झारखंड पर क्यों नहीं बन पाया? विजय शंकर नायक ने कहा कि भाजपा ने झारखंड को जुमले दिए, कांग्रेस–झामुमो गठबंधन सरकार ने विश्वास दिया। भाजपा ने प्रचार किया, हमारी सरकार ने परिणाम दिए। भाजपा ने युवाओं को सपने दिखाए, हमारी सरकार अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति का सबसे बड़ा संकट यह है कि वह हर सकारात्मक पहल का विरोध करती है। राज्य में निवेश आए तो विरोध, रोजगार की पहल हो तो विरोध, सामाजिक न्याय की बात हो तो विरोध। भाजपा को तय करना चाहिए कि वह झारखंड के विकास के साथ खड़ी है या केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए हर अच्छी पहल का विरोध करना चाहती है।विजय शंकर नायक* ने आगे कहा कि ₹99,639 करोड़ का प्रस्तावित निवेश केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह झारखंड की बदली हुई पहचान का प्रमाण है। यह दिखाता है कि आज देश के उद्योगपति और निवेशक झारखंड में नीति की स्थिरता, प्रशासन की पारदर्शिता और भविष्य की संभावनाएं देख रहे हैं। निवेश किसी विज्ञापन अभियान से नहीं आता, बल्कि भरोसे, कानून के शासन और स्पष्ट नीतियों से आता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में कांग्रेस–झामुमो गठबंधन सरकार की प्राथमिकता केवल एमओयू करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले, स्थानीय उद्योग मजबूत हों और आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर, महिलाएं तथा छोटे उद्यमी विकास के भागीदार बनें।
भाजपा पर तीखा हमला करते हुए विजय शंकर नायक ने कहा कि भाजपा के पास आईटी सेल है, हमारे पास जनता का विश्वास है। भाजपा के पास दुष्प्रचार है, हमारे पास विकास का प्रमाण है। भाजपा के पास झूठे नैरेटिव हैं, हमारे पास निवेश, रोजगार और जनकल्याण का रोडमैप है। भाजपा के पास नफरत की राजनीति है, हमारे पास संविधान, सामाजिक न्याय और विकास की राजनीति है। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह झारखंड में आने वाले निवेश का स्वागत करती है या उसका भी विरोध करेगी? क्या भाजपा चाहती है कि राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार न मिले? क्या भाजपा चाहती है कि झारखंड हमेशा पलायन करने वाला राज्य बना रहे? यदि नहीं, तो उसे विकास के मुद्दे पर सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए।
विजय शंकर नायक* ने यह भी कहा कि आज देश की राजनीति दो विचारों के बीच है—एक ओर भाजपा की प्रचार, जुमलों और भ्रम फैलाने की राजनीति है, दूसरी ओर कांग्रेस की संविधान, सामाजिक न्याय, रोजगार और समावेशी विकास की राजनीति। झारखंड में जनता ने इस अंतर को समझ लिया है और यही कारण है कि राज्य में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मॉडल “इवेंट मैनेजमेंट और हेडलाइन” का मॉडल रहा है, जबकि कांग्रेस–झामुमो गठबंधन सरकार का मॉडल “नीति, नीयत और परिणाम” का मॉडल है। जनता अब विज्ञापनों से नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के आधार पर सरकारों का मूल्यांकन कर रही है।
विजय शंकर नायक* ने साफ शब्दों में कहा कि 14 एमओयू और ₹99,639 करोड़ के प्रस्तावित निवेश ने यह संदेश पूरे देश को दे दिया है कि झारखंड अब राजनीतिक अस्थिरता की नहीं, बल्कि विकास, निवेश और विश्वास की पहचान बन रहा है। भाजपा जितना चाहे भ्रम फैलाए, लेकिन सच्चाई यही है कि अब झारखंड की नई पहचान जुमलों से नहीं, बल्कि जनहित के निर्णयों, रोजगार सृजन और विकास के ठोस परिणामों से बनेगी। विकास की इस यात्रा को झूठ और दुष्प्रचार से रोका नहीं जा सकता।

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