अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है शांतिपूरी मुरह पंचायत सड़क मार्ग, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने शांति पूरी मुरहू पंचायत की सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क पिछले कई 4 वर्षों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। यह मार्ग तीन पंचायतों को जोड़ता है और प्रतिदिन लगभग 500 स्कूली बच्चे तथा करीब 1000 ग्रामीण इसी रास्ते पर निर्भर हैं। सड़क जर्जर होने के कारण लोगों को मजबूरन लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जबकि गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी चारपाई ही एकमात्र सहारा बन जाती है।
उप प्रमुख अरुण साबू ने कहा कि पिछले चार वर्षों में कई बार आरसीडी विभाग के अभियंताओं ने सड़क का निरीक्षण किया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। कभी जातीय विवाद तो कभी अन्य बहानों का हवाला देकर इस सड़क को फाइलों में ही दबाकर रखा गया। सवाल यह है कि आखिर जनता कब तक झूठे आश्वासनों का बोझ ढोती रहेगी?
वही जिला परिषद सदस्य श्रीमती नेलानी देमता ने बताया कि इस मार्ग से तीन सरकारी विद्यालय, दो आंगनबाड़ी केंद्र और एक आश्रम विद्यालय के सैकड़ों बच्चों का प्रतिदिन आवागमन होता है। इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता समझ से परे है।
अरुण साबू ने कहा कि उन्होंने इस गंभीर समस्या से जिला उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, जिला योजना पदाधिकारी तथा स्थानीय विधायक को कई बार अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
आखिर जनता की पीड़ा की कीमत कब समझी जाएगी? विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस सड़क की ओर आंखें मूंदे बैठे हैं। यदि यही विकास है, तो फिर ग्रामीणों को सुविधाओं के नाम पर सिर्फ उपेक्षा ही मिली है।”
ग्रामीणों का कहना है कि उप प्रमुख अरुण साबू लगातार इस सड़क के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन प्रखंड और जिला स्तर पर इच्छाशक्ति की कमी के कारण आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है।।


