40 हजार झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन योजना के दायरे में लाने का विचार, मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने दिया भरोसा
रांची : 40 हजार झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन योजना के दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। इन 40 हजार झारखंड आंदोलनकारियों में जो जेल गए हैं वह भी आते हैं और जो जेल नहीं गए हैं वह भी आते हैं. सभी आंदोलनकारी के लिए एक पोर्टल युद्ध स्तर पर तैयार किया जा रहा है इस पोर्टल में आंदोलनकारियों की विवरणी होगी. जेएपीआईटी इस कार्य का मॉनिटरिंग करेगा. सरकार सबके विकास एवं कल्याण के प्रति संवेदनशील है.
उक्त बातें वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अशोकनगर स्थित अपने आवासीय परिसर में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो के साथ गंभीर बातचीत करते हुए कहीं. श्री किशोर ने बताया कि झारखंड अलग राज्य के आंदोलनकारी के लिए 100 करोड रुपए की राशि का आवंटन एक छोटे राशि के रूप में फिल वक्त किया जाना है. साथ ही झारखंड आंदोलनकारियों के पुत्र – पुत्री या आश्रितों को दिए जाने वाला 5% क्षैतिज आरक्षण को बढ़ाकर 10% क्षैतिज आरक्षण किया जाएगा. यह कार्य प्रथम चरण का होगा.उन्होंने कहा कि राज्य बनाने वाले झारखंड आंदोलनकारी की योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है. झारखंड आंदोलनकारियों के लिए सरकार कुछ करती है तो यह हमारे लिए गौरव का विषय है.
झारखंड आंदोलनकारियों की बातों को रखते हुए श्री महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की आए दिन बिना किसी मान सम्मान के ही
मृत्यु होना राज्य की क्षति के समान है. जीते जी सभी झारखंड आंदोलनकारियों को शीर्ष प्राथमिकता के तौर पर राज्य सरकार राजकीय मान सम्मान, अलग पहचान, आश्रितों एवं बाल बच्चों के लिए रोजी रोजगार एवं नियोजन की गारंटी तथा जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी को सम्मान पेंशन राशि देकर सरकार कृतार्थ करें. झारखंड आंदोलनकारियों को न्याय के साथ सम्मान की आवश्यकता तथा आज समाज में स्वाभिमान से जीने का अधिकार सरकार के द्वारा दिया जाना चाहिए.
मौके पर केंद्रीय उपाध्यक्ष इजहार राही ने कहा कि सम्मान पेंशन देने में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए राज्य बनाने में प्रत्येक आंदोलनकारी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है.



