गंगा तटीय इलाके में लुढ़क रहा पारा, कोहरे में कांपा भागलपुर, सूर्य देवता ग़ायब, प्रशासन अलर्ट मोड़ में
भागलपुर। गंगा तट स्थित भागलपुर में ठंड ने अचानक तेवर दिखा दिए हैं। पिछले तीन दिनों से जारी जिले भर में घना कोहरा और सर्द पछुआ हवा लोगों पर भारी पड़ी। हालात ऐसे हैं कि सुबह से लेकर देर रात तक ठिठुरन बनी रही। सूर्य देवता का दार्शन दुर्लभ।महज 24 घंटे के भीतर अधिकतम तापमान में 6.6 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। ठंड के कहर को देखते हुए डॉक्टरों ने हिदायत देते हुए कहा है कि बीपी, शुगर, हार्ट और गर्भवती स्त्रियां इस ठंड से दूर रहें। बुजुर्ग और मासूम बच्चों को गर्म कपड़ों में लपेट कर रखें। जिला प्रशासन ने स्कूलों में पठन – पाठन का समय सुबह दस से शाम चार बजे तक तय कर दिया है। कोशी, सीमांचल में अब तक ठंड से छह लोगों के मरने की सूचना है।
मौसम का मिजाज इतना बदल चुका है कि गुरुवार को जहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शुक्रवार को यह गिरकर 17.6 डिग्री पर आ गया। हालांकि न्यूनतम तापमान में 3.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई और यह 13 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन दिन-रात के तापमान में अंतर घटने से ठंड का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर लगातार कम हो रहा है, जो कोल्ड डे की स्थिति का संकेत है। रविवार को भी मौसम इसी तरह बना रह सकता है। नमी का स्तर भी लगभग स्थिर हो गया है। शुक्रवार सुबह 6:40 बजे आर्द्रता 90 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि दोपहर 1:40 बजे यह 86 प्रतिशत रही। यानी दिनभर में केवल 6 प्रतिशत का ही अंतर रहा, जिसके चलते कोहरा और धुंध छाई रही।.तेज पछुआ हवा ने ठंड को और ज्यादा धार दे दी है। हवा की रफ्तार 6.9 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई है, जो बीते 24 घंटे में 3.7 किमी प्रति घंटे ज्यादा रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 दिसंबर तक जिले के अधिकांश इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है।
ठंड से राहत को लेकर प्रशासनिक दावे जमीनी हकीकत में खोखले नजर आ रहे हैं। वैसे डीएम ने अलाव की व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दे चुके हैं। शहर से गांवों तक सरकारी अलाव की व्यवस्था दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कोतवाली, घंटाघर और आदमपुर जैसे प्रमुख इलाकों में शुक्रवार को कहीं भी सरकारी अलाव जलता नहीं दिखा। वहीं ग्रामीण इलाकों की स्थिति और भी बुरी है। लकड़ियों की आपूर्ति न होने के कारण मजदूर व बेघर मजबूरी में कूड़ा-कचरा जलाकर खुद को ठंड से बचा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक अलाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। भागलपुर के रैन बसेरों की स्थिति भी सवालों में। बड़ी खंजरपुर, घंटाघर और कोतवाली स्थित रैन बसेरा में कुव्यवस्था के कारण गरीब गुरुओं का ठहराव शून्य है। एक में तो पता नहीं कबसे ताले झूल रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सभी अंचल अधिकारियों को प्रमुख चौराहों पर तुरंत अलाव जलाने का निर्देश दिया है। साथ ही सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। शुक्रवार की रात डीएम ने खुद तिलकामांझी, घंटाघर चौक और भागलपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर कंबल का वितरण किया।
ठंड को देखते हुए नगर निगम भी सक्रिय हुआ है। मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने अलाव जलाने और कंबल वितरण के निर्देश दिए हैं। साथ ही सैडिस (शहर का पार्क/स्पोर्ट्स परिसर) में मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए मुफ्त प्रवेश का समय बढ़ाकर सुबह 9 बजे तक कर दिया गया है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब पूरे दिन सैडिस में निःशुल्क प्रवेश की सुविधा दी जाएगी।
कुल मिलाकर, ठंड का कहर अब साफ दिखने लगा है। आने वाले दिनों में हालात और सख्त हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासनिक तैयारियों की कसौटी अब सड़कों और चौक-चौराहों पर दिखेगी, न कि सिर्फ आदेशों और फाइलों में।



