कुड़मी एस० टी० आंदोलन मुरी ओ०पी० कांड संख्या 95/2023 पर मिली बेल
रांची : रांची सिविल कोर्ट से मुरी ओ०पी० कांड संख्या 95/2023 बेल मिल गया।यह रेल टेका 20 सितंबर 2023 के आलोक में मुरी ओ०पी० में कुड़मी एस टी आंदोलनरीयों को सरकारी काम में बाधा भा०दं० सं०353 सहित लगभग एक दर्शन आईपीसी की धारा लगाई गई । जिसमें 143 149 341 186 188 290 336 427 और 34 भारतीय दंड विधान लगाया गया है। जिसमें मुख्य आरोपी कुड़मी समाज के अगुआ शीतल ओहदार, हरमोहन महतो, सखी चंद महतो, सपन कुमार महतो, दानिसिंह महतो और सोना लाल महतो को बनाया गया है। जबकि इन अच्छा आंदोलनकारीयों को मुरी रेलवे थाना कांड संख्या 1561/2023 रेलवे थाना आरोपी बना चुका है और रेलवे एक्ट 145, 146, 147 और 174 (A) क्या आलोक में बेल मिल चुका है। बात यह है कि एक ही अपराध के दो दो FIR किया गया। रेल टेका आंदोलन 20 सितंबर 2023 को झारखंड के कुल चार स्थानों पर किया गया था जिसमें मुरी स्टेशन में वृहद पैमाने पर लाखों की संख्या में कुड़मी समाज के लोग उतरे थे। किंतु मजे की बात यह है कि इस आंदोलन के तीन माह बाद सरकारी काम में बाधा सहित दर्जनों धारा किन के ईसारे पर लगाया गया, बैक डोर से कौन चाहता है कि आंदोलन ही ना हो। 2 वर्ष बाद FIR की जानकारी मुरी ओ०पी० के द्वारा आंदोलनकारीयों को दी गई। जिसे सीनियर अधिवक्ता षष्ठी रंजन महतो जी और उनके टीम के सूझबूझ से नॉन बेलेबल जैसे धारा पर बेल लिया गया। जिसमें पप्पु कुड़मी, गोवर्धन महतो, अरविंद महतो , संदीप महतो,दिनेश महतो, लब्बू महतो, अनिल महतो, महेश्वर महतो, जय नाथ महतो आदि ने बैल बॉन्ड भरकर बिल लेने में सहयोग किया



