एक शव,दावेदार दो,दो मिनट की देरी पर दफनाने की जगह कर दिया जाता अंतिम संस्कार,शव की पहचान पहले परमेश्वर प्रसाद के रूप में हुई थी जो महादेव उरांव था
गणादेश,रांची : राजधानी रांची के एचईसी क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ी घटना होने से टल गई। एक शव के दो-दो दावेदार धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित सीठीयो शव दाह स्थल पहुंच गए। दो मिनट की देरी पर शव को दफनाने की जगह अंतिम संस्कार कर दिया जाता।
दरअसल, पिछले 18 नवंबर को एक बुजुर्ग व्यक्ति घर से निकला था जो अपने घर नहीं पहुंचा। तीन दिन पहले धुर्वा थाना की पुलिस ने एक लावारिस शव को बरामद किया था। पुलिस ने शव को रिम्स के मोरचरी में रखा दिया था। मंगलवार को शव को लेने दो-दो परिवार थाना पहुंच गए और पुलिस से शव देने की मांग करने लगे। इसमें एक परिवार आदिवासी था तो दूसरा हिन्दू, एक कहता है कि यह प्रमेशवर प्रसाद है तो दूसरा कहता है कि यह महादेव उरांव है। पुलिस भी समंजस की स्थिति में हो गई।
पूरे हिन्दू रीति रिवाज से शव को सीठीयो शवदाह स्थल लाया गया। शव दाह संस्कार होने से दो मिनट पहले महादेव उरांव के परिजन पहुंच गए और शव पर दावेदारी कर दिया। कहा कि यह शव उनके पिता महादेव उरांव का है। उनके परिजन ने कहा कि इसी कपड़े में घर से निकले थे। इसके बाद परिजन ने शव को पहचान लिया। वहीं परेमेशवर प्रसाद ने अपना दावा छोड़ दिया।
महादेव उरांव के परिजनों ने कहा कि आदिवासी रीति के अनुसार हमलोग शव को दफनाते हैं और ये लोग दाह संस्कार कर देते यह तो बहुत ही अनर्थ हो जाता।
परिजनों ने कहा कि महादेव उरांव की एक अंगुली कटी हुई है ,उसी से शव की पहचान हो गई। परिजनों ने कहा कि दो मिनट यदि देरी हो जाती तो हम अपने बाबा का अंतिम दर्शन नहीं कर पाते, यह ईश्वर की असीम कृपा है कि आज बाबा का शव मिल गया। शव को दफनाया जाएगा।



