पीडीएस दुकान संचालक द्वारा लाभूक के आधार नं का दुरुपयोग कर की गई ऑनलाईन धोखाधड़ी
बेरमो:बोकारो जिले के बेरमो प्रखंड अंतर्गत बेरमो पूर्वी पंचायत में पीडीएस की एक दुकान है जिसे भरत पासवान नाम के एक सीसीएलकर्मी द्वारा संचालित किया जाता है और उसके डीलर का नाम हरेंद्र कुमार है जो कि भरत पासवान का सगा भाई है। इस पीडीएस दुकान में व्याप्त अनियमितताओं से इसके लाभूक त्रस्त रहते हैं लेकिन पीडीएस दुकान संचालक भरत पासवान की दबंगई से इनके द्वारा की जा रही हेर-फेर व अनियमियतताओं की कोई शिकायत नहीं करता। पीडीएस दुकान संचालक दबंग इतना कि यदि किसी ने उसके द्वारा किए गए अनियमियतताओं मसलन वजन में कम अनाज देना यानि पाँच किलो के जगह चार किलोग्राम देना, चंना दाल और गेहूँ की आपूर्ति होने पर भी लाभूकों को नहीं देना, किसी-किसी महिने तो लाभूकों को अनाज ही नहीं देना यह कहकर कि इस महिने चावल की आपूर्ति ही नहीं हुई है जैसी कई कारगुजारियों की शिकायत करने की हिमाकत की तो वह किसी भी तरह का जुगाड़ लगा कर उस लाभूक का राशनकार्ड लिस्ट से नाम ही निरस्त करवा देता है।
ऐसा ही एक वाकया हुआ जबकि इस पीडीएस दुकान संचालक भरत पासवान ने अक्टूबर 2022 को अपने लाभूकों को अनाज (चावल) नहीं दिया, उस वक्त इस डीलर की एक लाभूक अलका मिश्रा ने इसके खिलाफ ऑनलाईन शिकायत दर्ज कर दिया। फिर क्या था ,इस संचालक का पारा गरम हुआ, पहले तो उसने तत्काल पाँच किलो चावल शिकायतकर्ता के घर जाकर पहूँचा दिया।साथ ही,उनसे शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया।इसके लिए उसने उक्त लाभूक से आधारकार्ड का हस्ताक्षरयुक्त फोटोकॉपी माँग लिया। अब यहाँ से इस पीडीएस संचालक के धुर्तता की शुरुआत हुई।सबसे पहले तो उसने उस आधारकार्ड का दुरुपयोग कर उस लाभूक के नाम को दूसरे डीलर माईकल पीटर(पीडीएस संचालक बिरेन्द्र प्रजापति) के यहाँ स्थानांतरित कर दिया।आगे अपनी दुकान के शिकायत कर दिए जाने से तिलमिलाए भरत पासवान ने 26/12/2022 को उक्त शिकायतकर्ता का नाम ही राशनकार्ड लिस्ट से हटा देने के लिए धोखे से लिए गए हस्ताक्षरयुक्त आधारकार्ड का इस्तेमाल कर ऑनलाईन अनुरोध भेज दिया। शिकायतकर्ता अबतक इन बातों से बेखबर थी। सितम्बर 2025 को जब वह अपना राशन उठाव के लिए डीलर माईकल पीटर के यहाँ गई तो ईपॉश मशीन में उसका राशनकार्ड नम्बर 202007550185 नहीं दर्शा रहा था,पहले तो उसे लगा कि मशीन की खराबी होगी लेकिन अक्टूबर महिने में भी जब ऐसा ही हुआ तो उसने बोकारो डीएसओ शालिनी खलखो से इस बाबत बात की तब उसे ज्ञात हुआ कि उसके आधारकार्ड का दुरुपयोग कर उक्त लाभूक के नाम से ही खाद्य व आपूर्ति विभाग को नाम राशनकार्ड लिस्ट से हटाने संबंधी ऑनलाईन आवेदन दिया गया है जिसके परिणामस्वरूप सितम्बर 2025 से उनका नाम राशनकार्ड लिस्ट से हटा दिया गया है। इस धोखाधड़ी से आहत होकर लाभूक ने बोकारो उपायुक्त के नाम एक आवेदन दिया जिसकी प्रतिलिपि बोकारो जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भी दी।साथ ही, पीडीएस दुकान संचालक भरत पासवान और पीडीएस डीलर हरेंद्र कुमार के खिलाफ गाँधीनगर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन भी दिया जिसमें उसका डीलरशिप रद्द करने व कठोर कानूनी कारवाई करने की माँग की गई है।
विदित हो कि सुश्री अलका मिश्रा एक वरिष्ठ पत्रकार है जो कि एकल महिला है और उनकी आय का दूसरा कोई श्रोत भी नहीं है। दूसरी ओर,पीडीएस दुकान संचालक भरत पासवान एक सीसीएलकर्मी है जो की बी एंड के प्रक्षेत्र के खासमहल (एकेके) परियोजना में कार्यरत माइनिंग सरदार है।वहीं उसका भाई हरेंद्र कुमार जिसके नाम पर पीडीएस दुकान संचालक भरत पासवान ने डीलरशिप ले रखा है वो भी सीसीएल के रेलवे साइडिंग में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। यहाँ ध्यानयोग्य बात है कि अपने धनबल से बौराए इस सीसीएलकर्मी भरत पासवान ने और इस पीडीएस दुकान को और ज्यादा कमाई का एक अतिरिक्त माध्यम बना रखा है । दुकान संचालन का समस्त कार्य इसी के द्वारा किया जाता है,जब कोई जाँच होती है उस वक्त ये दुकान में नामजद डीलर हरेंद्र कुमार जो कि उसका सगा भाई है,को बैठा देता है।वरना वह सीसीएल में कार्यरत रहते हुए भी सीसीएल प्रबंधन को धोखा देकर अपना सारा समय इस पीडीएस दुकान में ही बिताता है।
बहरहाल, सवाल यह है कि बोकारो जिला प्रशासन की आँखों में धूल झोंक कर इस सीसीएलकर्मी द्वारा पीडीएस दुकान को भी अनर्गल कमाई का माध्यम बनानेवाले इस शख्स पर आखिर अबतक जिला प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी और इसके खिलाफ शिकायत होने पर भी विभाग द्वारा इसपर कोई सख्त कारवाई क्यों नहीं की गई?
साथ ही, बी एंड के प्रक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले संड़ेबाजार के बदरीफाईल स्थित सीसीएल क्वार्टर नं M/8 को पीडीएस दुकान बना कर व्यवसायिक हित के लिए इस्तेमाल करने पर इसके खिलाफ सीसीएल प्रबंधन ने अबतक कोई कारवाई क्यों नहीं की है जबकि सीसीएलकर्मियों के रहने के लिए आवास की समस्या है।क्या सीसीएल प्रबंधन ने इन्हें सीसीएल क्वार्टर में पीडीएस दुकान खोलने के लिए एनओसी दे रखा है?
सारांश में, अकूत धन कमाने की लालच में इस सीसीएलकर्मी ने जिला प्रशासन और सीसीएल की आँखों में धूल झोंक कर तमाम अनर्गल माध्यम को अपनी अतिरिक्त कमाई का श्रोत बना रखा है और अपनी पहूँच की धौंस पर अवैध व गैरकानूनी काम दबंगई से करने में इसे महारत हासिल कर रखा है।



