जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना : मस्त राम मीणा
लातेहार :जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने टाऊन हॉल में प्रखंड विकास पदाधिकारी, मुखिया, पंचायत सचिव एवं जल सहिया के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। प्रधान सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार मस्त राम मीणा एवं अभियान निदेशक, जल जीवन मिशन, झारखंड सरकार, रमेश घोलप मुख्य रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता एवं उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद के द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड के प्रधान सचिव मस्त राम मीणा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी जानते है कि पानी जीवन है लेकिन पानी तभी जीवनदायी है जब वो शुद्ध और सुरक्षित है। भारत सरकार ने जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत इसलिये की है ताकि हर घर तक नल से शुद्ध जल पहुँचे और हर गांव स्वच्छ और स्वस्थ बनें। झारखण्ड जैसे प्राकृतिक संसाधन संपन्न और सुसज्जित राज्य के लिए यह मिशन और भी अहम है। जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
आगे उन्होंने राज्य सरकार की बहू ग्रामीण जलापूर्ति योजना का संचालन एवं रखरखाव नीति 2025 के संबंध में सभी को जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने संवाद कार्यक्रम के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सभी को जल जीवन मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए शत प्रतिशत घरों तक जलापूर्ति कनेक्शन सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सभी से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में समुदाय की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे जुड़े प्रमुख बातें कही। उन्होंने योजना के मेंटेनेंस, रख रखाव, क्रियान्वयन को लेकर मुखिया, पंचायत सचिव, जल सहिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका को विस्तार से बताया। आगे उनके द्वारा यह बताया गया कि मुखिया और जलसहिया जो भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
संवाद कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन के अभियान निदेशक श्री रमेश घोलप के द्वारा सभी को संबोधित करते हुए कहा गया लातेहार जिला ने हर घर नल से जल देने में झारखंड में तीसरा स्थान प्राप्त है। जो कि सराहनीय है। उन्होंने रचनात्मक तरीके से कार्य करने को लेकर कई उदाहरण संवाद कार्यक्रम के दौरान सभी को दिए। आगे उन्होंने कहा की संवाद कार्यक्रम के दौरान आप सभी के द्वारा जो भी समस्याएं रखी गई है उन पर विभाग द्वारा त्वरित कार्य किया जाएगा। मौके पर उन्होंने जल के महत्व को समझने एवं सोच समझकर जल का उपयोग करने की सभी से अपील की। साथ ही उनके द्वारा जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्यों को लेकर भी कई जानकारियां सभी के साथ साझा की गई।
उपायुक्त श्री उत्कर्ष गुप्ता ने सभी को जानकारी देते हुए बताया कि लातेहार जिला अन्तर्गत 10 प्रखण्डों के 752 ग्राम में से 121 ग्राम बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना से तथा बाकि ग्रामों में एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना से आच्छादित करने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक लातेहार जिला के निर्धारित गृह जल संयोजन 1.86,116 के विरूद्ध 1,36,114 घर में कार्य किया जा चुका है। अभी तक लातेहार में कुल 295 गांवों को हर घर जल घोषित किया जा चुका है।
योजना पूर्ण होने के उपरान्त 05 वर्षों तक योजनाओं का मरम्मति एवं सम्पोषण कार्य संवेदक के द्वारा किया जायेगा, प्रत्येक योजनाओं का हस्तान्तरित किया जाना है। इस जिला में अभी तक 4143 योजना का ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को हस्तान्तरित किया जा चुका है, जिसके रख-रखाव का कार्य हर ग्राम में गठित ग्राम जल स्वच्छता समिति का दायित्व है। योजनाओं के मरम्मति एवं सम्पोषण का कार्य संवेदक द्वारा पूर्ण करने के उपरान्त पंचायतीराज विभाग द्वारा इन सभी योजनाओं का देख-रेख किया जायेगा।
लातेहार जिला के सभी गांव खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुका है, स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 अन्तर्गत ओ०डी०एफ० प्लस अन्तर्गत छुटे हुए लाभुकों का शौचालय का निर्माण, नाडेफ, वर्मी कम्पोस्ट सोक्ता गडढा आदि का कार्य विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से कार्य संचालित किया जा रहा है और आज लातेहार जिला में 310 गांव ओ०डी०एफ० प्लस मॉडल के रूप में घोषित किये जा चुके हैं। लातेहार जिले में अभी तक 1,47,072 शौचालय का निर्माण किया जा चुका है।
इस दौरान अपने संबोधन में उपायुक्त ने सभी को संवाद कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी एवं कार्यक्रम के दौरान जो भी बातें बताई जा रही है उन्हें ध्यान पूर्वक सुनने एवं समझने की सभी से अपील की।
संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पंचायतों के मुखिया एवं जल सहिया द्वारा जल जीवन मिशन के तहत अपने क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े लोगों को प्रेरित करने वाले अनुभव साझा किए गए।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त के द्वारा प्रधान सचिव, अभियान निदेशक को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक श्री मनोहर मरांडी, उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, मुख्य अभियंता, पीएमयू , अनिल प्रसाद, मुख्य अभियंता सीडीओ प्रभात कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता राजमोहन सिंह, जिला पंचायती राज्य पदाधिकारी श्रेयांश, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल,लातेहार दीपक कुमार महतो, सहायक अभियंता प्रशांत पांडे, राजेश कुजूर और अरुण मेहता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सभी कनीय अभियंता , स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित वास कोऑर्डिनेटर, जल जांच से संबंधित कर्मी, जनप्रतिनिधि, जलसहिया आदी की मुख्य उपस्थिति रही।

