16 सदस्यीय समिति ने राखी मिश्रा को बनाया है प्रिंसिपल: अनुज साहू
रांची: संत अरविंदो एकेडमी स्कूल में प्रिंसिपल की नियुक्ति को लेकर विवाद बरकरार है। एक तरह जहां अध्यक्ष वाइस प्रिंसिपल राखी मिश्रा को प्रिंसिपल बनाने पर अडिग है तो सचिव राजकुमार साहू ने गुड़िया कुमारी को प्रिंसिपल नियुक्त कर दिया है। वहीं स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अनुज साहू ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर मैनेजर राजकुमार साहू पर मनमाने ढंग से प्रिंसिपल नियुक्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी व्यक्तिगत छवि और स्कूल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अनुज कुमार साहू ने बताया कि 7 जून को स्कूल के मैनेजर राजकुमार साहू ने प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई थी, लेकिन बैठक के एजेंडे में कहीं भी नए प्रिंसिपल की नियुक्ति का उल्लेख नहीं किया गया था। उन्होंने दावा किया कि उस बैठक में तीन सदस्य अनुपस्थित थे, जबकि दो ऐसे लोगों को सदस्य बनाया गया था जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ते भी नहीं हैं। इसके बावजूद मात्र 10 मिनट में अध्यक्ष और सचिव की अनुपस्थिति में मैनेजर ने एकतरफा तरीके से प्रिंसिपल की नियुक्ति कर दी।
उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद 5 जुलाई को स्कूल प्रबंधन समिति की आवश्यक बैठक बुलाई गई, जिसमें अधिकांश सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में पुरानी समिति को भंग कर नई 16 सदस्यीय स्कूल प्रबंधन समिति का गठन किया गया। इस नई समिति में शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। नई समिति ने सर्वसम्मति से प्रिंसिपल चयन की प्रक्रिया शुरू की। समिति की सहमति से वर्ष 2017 से स्कूल में वाइस प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत राखी मिश्रा को विद्यालय का नया प्रिंसिपल नियुक्त किया गया।
अनुज कुमार साहू ने कहा कि स्कूल प्रबंधन समिति का उद्देश्य विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाना और बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल की भूमि का वैध दस्तावेज वर्ष 2051 तक प्रभावी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अध्यक्ष और सचिव की अनुपस्थिति में केवल मैनेजर किस अधिकार से प्रिंसिपल की नियुक्ति कर सकता है। प्रेस वार्ता में नवनियुक्त प्रिंसिपल राखी मिश्रा, शिक्षिका मोनिका मिश्रा, रोसना कुमारी, सुनीता सिंह, अपराजिता, ऋषि कुमार दुबे सहित कई शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे। इस दौरान सभी ने नई प्रबंधन समिति के निर्णय का समर्थन करते हुए विद्यालय में पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।


