130वां संविधान संशोधन कानून भाजपा की गैर-भाजपा नेताओं को फंसाने की साजिश : बैद्यनाथ राम
रांची : केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा संसद में 130वां संविधान संशोधन कानून पेश किए जाने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह कानून पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं को फंसाना और उनकी साख को कमजोर करना है।
“कानून देशहित में नहीं”
बैद्यनाथ राम ने कहा कि भाजपा का गैर-भाजपा नेताओं और दलों के प्रति नजरिया शुरू से ही संदेहपूर्ण और प्रतिशोधात्मक रहा है।
उनके शब्दों में,
“भाजपा इस कानून के जरिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष के बड़े नेताओं को फंसाने की रणनीति बनाएगी। इस तरह उनके राजनीतिक कद को छोटा करने की कोशिश होगी। इसलिए यह कानून किसी भी रूप में देशहित में नहीं है और इस पर गंभीर पुनर्विचार होना चाहिए।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि झामुमो इस कानून का विरोध करेगी और जनता को भी इसके खिलाफ जागरूक करेगी।
एसआईआर और चुनाव आयोग पर बयान
एसआईआर के मुद्दे पर बैद्यनाथ राम ने कहा कि यह पूरी तरह चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र है। वोटर लिस्ट में समय-समय पर संशोधन और पुनरीक्षण होना आवश्यक है। मृतकों या दूसरी जगह शिफ्ट हुए लोगों के नाम हटना स्वाभाविक है।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी व्यक्तियों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल होना किसी भी हाल में उचित नहीं है और चुनाव आयोग को इस दिशा में निष्पक्षता से काम करना चाहिए।
शिबू सोरेन को भारत रत्न की मांग
बैद्यनाथ राम ने इस अवसर पर झारखंड आंदोलन के अगुआ दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि –
“शिबू सोरेन न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित व्यक्तित्व हैं। झारखंड राज्य उनके योगदान का सदैव ऋणी रहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि शिबू सोरेन की जीवनी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और इसे सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि युवा उनके संघर्ष और योगदान से सीख ले सकें।

