मशरूम की खेती आत्मनिर्भरता सुनहरा मार्ग : दिलेश्वर महतो

गुमला: गुमल जिले के उपायुक्त, दिलेश्वर महतो ने मशरूम उत्पादकों को संबोधित करते हुए कहा कि मशरूम की खेती आत्मनिर्भरता के लिए सुनहरा और सुलभ मार्ग है। उन्होंने ने यह उद्बोधन आकांक्षी प्रखण्ड डुमरी के औरापाट में जिला प्रशासन के नयी पहल योजना के अन्तर्गत कहा। उन्होंने कहा कि मशरूम से निर्मित मूल्यसंबर्धन खाद्य प्रसंस्करण बनाकर अधिक से अधिक आमदनी किया जा सकता है। उन्होंने आदिम जनजातियों के लिए यह वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि एजेन्सी एपपी एग्रीगेट आपको बाजारीकरण की भी सुबिधा दिला रहा है। कम पूंजी, कम समय, कम जगह और कम मेहनत हर तीन महीने पर मशरूम उत्पादन से लगातार जीविकोपार्जन कर सकती है। डुमरी प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने उपायुक्त के समक्ष विस्तार से इस योजना की जानकारी दी। उपस्थित लभार्थियों ने मशरूम उत्पादन की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से मेरे जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ है। इस अवसर पर आदिवासी नृत्य, संगीत, ढोल मजारें के साथ उपायुक्त, दिलेश्वर महतो का भव्य स्वागत किया गया। एपपी एग्रीगेट के निदेशक, प्रभाकर कुमार ने मंच का संचालन करते हुए विस्तार से मशरूम उत्पादन की योजना और निर्मित उत्पादों की जानकारी दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *