स्टारकेड में राउंडटेबल एवं लेडीज़ सर्कल ने ज़रूरतमंद बच्चों को करवाया टूर
रांची: मॉल ऑफ़ रांची स्थित प्रख्यात गेमिंग ज़ोन स्टारकेड में राउंडटेबल एवं लेडीज़ सर्कल ने आर्थिक दृष्टिकोण से वंचित परिवारों के लगभग पचास बच्चों को सोमवार को टूर करवाया । स्टारकेड गेमिंग ज़ोन के ओनर प्रतीक अडूकिया, तनय अग्रवाल, मिताली अडुकिया, आस्था अग्रवाल एवं राउंडटेबल २८४, २४४ एवं लेडीज़ सर्कल 169, 142 रांची की पहल पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सभी बच्चों को गेमिंग ज़ोन के गेम्स खेलने परखने का अनुभव प्रदान किया गया । स्टारकेड द्वारा इवेंट स्पॉन्सर किया गया ।साथ ही बच्चों को मेक्सी राजा रेस्टोरेंट में कम्प्लीमेंटरी लंच सर्व किया गया ।
लंच में बच्चों को स्वादिष्ट कंटिनेंटल एवं चाइनीज़ डिशेज सर्व की गई ।
इस आयोजन के सफल क्रियान्वयन में राउंडटेबल 244 एवं 284 के चेयरमैन तनय अग्रवाल एवं संदीप खेमका, लेडीज सर्कल की चेयरपर्सन आस्था अग्रवाल एवं अंशु गुप्ता, वाइस चेयरमैन पौरुष जैन, प्रतीक आडूकिया, मिताली आडुकिया, प्रीति सराफ, अंकित धनधारिया, अंकिता मोदी, निधि जैन, हर्षा जैन, अविराज अग्रवाल, मोहित पोद्दार, का विशेष योगदान रहा ।
बम्पर कार, बोलिंग, बास्केटबाल, किंग मास्टर, पिंक डैड, प्राइज स्टेशन, हॉर्स रेसिंग, सुपर मोटर कार एवं बाइक रेसर आदि इंटरनैशनल स्टैण्डर्ड के इम्पोर्टेड गेम्स कंसोल का अनुभव बच्चों को अपनी तरफ़ आकर्षित एवं अचंभित कर रहा था । बच्चों के लिए यह इस प्रकार की प्रथम टूर थी जिसमें उनकी खुशिया देखते बन रही थी ।
विदित हो कि सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्था राउंड टेबल इंडिया व लेडिज सर्किल द्वारा सामुदायिक विकास कार्यक्रम के तहत समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को सहयोग किया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में फ्रीडम थ्रू एजुकेशन के तहत संस्था द्वारा कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। इसके तहत हटिया के हजाम बस्ती में पारसनाथ पब्लिक स्कूल की स्थापना संस्था द्वारा कराई गई है। साथ ही खूंटी में एन डी ग्रोवर स्कूल की स्थापना भी राउंडटेबल के माध्यम से की गई है । देश भर में राउंड टेबल ने दस हज़ार से अधिक क्लासरूम की स्थापना की है ।
साथ ही राउंडटेबल इंडिया करमटोली चौक पर ट्रैफिक पुलिस के लिए अत्याधुनिक स्मार्ट मॉड्यूलर ट्रैफ़िक पोस्ट का निर्माण भी कर रही है ।
उक्त जानकारी राउंड टेबल इंडिया के सिटी चैप्टर के प्रचार-प्रसार समन्वयक पौरुष जैन ने दी।


