रांची में प्रस्तावित विश्व की पहली महिला यूनिवर्सिटी का भूमि पूजन, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रखी नींव
रांची : बरियातू स्थित वर्ल्ड बुद्धा फाउंडेशन परिसर में शुक्रवार को प्रस्तावित महिला यूनिवर्सिटी का भूमि पूजन एवं फाउंडेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। आयोजकों के अनुसार, यह विश्व की पहली ऐसी प्रस्तावित महिला यूनिवर्सिटी होगी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि उन्हें यूनिवर्सिटी की परिकल्पना के बारे में जो जानकारी दी गई है, उसके आधार पर यह अपने आप में अनूठी पहल है। उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में दुनिया में इस तरह की कोई दूसरी यूनिवर्सिटी नहीं है।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में तीन से आठ वर्ष की आयु की बच्चियों को शुरुआती दाखिला दिया जाएगा। छात्राएं क्रमशः विभिन्न कक्षाओं और उच्च शिक्षा के स्तर को पूरा करते हुए अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार व्यवसाय, व्यापार, उद्यम या सेवा के क्षेत्र में अपना भविष्य तैयार करेंगी। इसका उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
अठावले ने कहा कि आर्थिक स्थिति चाहे जैसी हो, हर बच्ची को शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए। इस पहल के तहत अभिभावकों को आर्थिक परेशानी की चिंता किए बिना बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं अपने फैसले खुद लेने में सक्षम होंगी तथा इससे महिला उत्पीड़न और भेदभाव जैसी सामाजिक समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस पहल की नींव झारखंड में रखे जाने को राज्य के लिए गौरव की बात बताया।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. हरिश सांकृत्यायन ने कहा कि यूनिवर्सिटी का मुख्य उद्देश्य छात्राओं का उज्ज्वल भविष्य तैयार करना है। यहां प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययन के साथ व्यावसायिक शिक्षा भी दी जाएगी, ताकि छात्राएं आत्मनिर्भर बन सकें और बेहतर समाज के निर्माण में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम में वर्ल्ड बुद्धा फाउंडेशन के ट्रस्टी अनिल कुमार तिवारी, रेखा शर्मा, विष्णु चौबे सहित ट्रस्ट के सदस्य, बोधगया से आए भंते, विभिन्न इकाइयों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और कर्मचारी मौजूद रहे।



