एनटीसी के प्रतिनिधिमंडल ने किया झारखंड का दौरा, बेलगड़िया पुनर्वास परियोजना पर चर्चा
रांची : राष्ट्रीय वस्त्र निगम, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को झारखंड का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित एनटीसी-बीसीसीएल जारिया-बेलगड़िया पुनर्वास परियोजना को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा की। परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में एनटीसी के निदेशक आशुतोष गुप्ता, महाप्रबंधक लोकेश हस्तवाला, महाप्रबंधक विकास अग्रवाल और घेरजी टेक्सटाइल कंसल्टिंग के अमीर शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से भी मुलाकात की। इस दौरान प्रस्तावित जारिया-बेलगड़िया पुनर्वास परियोजना से जुड़े औद्योगिक और रोजगार संबंधी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
दौरे के दौरान एनटीसी प्रतिनिधिमंडल ने जेआरजीए फाउंडेशन की टीम के साथ भी बैठक की। फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिताभ श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुई बैठक में बेलगड़िया क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए जरूरी इकोसिस्टम पर चर्चा हुई। इसमें विनिर्माण के अवसर, उद्योगों की भागीदारी, बाजार से जुड़ाव, कुशल कार्यबल तैयार करने, उद्यम विकास और परियोजना की दीर्घकालिक स्थिरता जैसे विषय शामिल रहे।
जेआरजीए फाउंडेशन ने झारखंड के गारमेंट और अपैरल क्षेत्र की संभावनाओं से प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया। फाउंडेशन ने कहा कि राज्य के मौजूदा और उभरते अपैरल उद्योग को बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट से जोड़कर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
इस दौरान फाउंडेशन की पहल ‘झारखंड सिल्क कॉरिडोर-फॉरेस्ट टू फैशन फॉरवर्ड’ के बारे में भी जानकारी दी गई। इस पहल के तहत झारखंड के रेशम, हथकरघा और स्थानीय शिल्प को मूल्यवर्धन, उत्पाद विकास, अपैरल उद्योग और बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
रांची के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित बैठक में झारखंड के औद्योगिक, वस्त्र और अपैरल क्षेत्र में संभावित सहयोग और संस्थागत समन्वय पर भी चर्चा हुई। जेआरजीए फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट के लिए केवल आधारभूत संरचना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए उद्योगों की भागीदारी, कुशल मानव संसाधन, उद्यम विकास और बाजार से मजबूत संपर्क वाला एकीकृत तंत्र जरूरी है।



