एक माह में आईरिस में नौ सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट, जरूरतमंद मरीजों को मिली नई रोशनी
रांची : आईरिस सुपरस्पेशलिटी आई केयर सेंटर ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सेंटर में एक माह के भीतर नौ सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांटेशन किए गए। इनमें कई जरूरतमंद मरीजों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क किया गया। सभी कॉर्निया ट्रांसप्लांटेशन डॉ. रश्मि रंजन के नेतृत्व में किए गए।
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी विस्तृत जानकारी दी गई।
आईरिस के मैनेजिंग पार्टनर डॉ. सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि एक माह में नौ सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांटेशन संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। कॉर्निया की समस्या के कारण दृष्टि खो चुके मरीजों को ट्रांसप्लांटेशन के बाद फिर से दुनिया देखने का अवसर मिल रहा है।
डॉ. रश्मि रंजन ने कहा कि कॉर्निया ट्रांसप्लांटेशन के लिए नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। समाज में नेत्रदान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके नेत्र किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी ला सकते हैं। उम्र या छोटी-मोटी बीमारी के कारण नेत्रदान को लेकर आशंकित होने की जरूरत नहीं है। नेत्रदान के लिए कॉर्निया की उपयुक्तता का अंतिम निर्णय चिकित्सकीय जांच के बाद विशेषज्ञ करते हैं।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की। कहा कि पर्याप्त संख्या में नेत्रदान होने से कॉर्निया उपलब्धता बढ़ेगी और दृष्टिहीन मरीजों को नई रोशनी देने में मदद मिलेगी।
आईरिस के पार्टनर एवं ऑर्किड मेडिकल सेंटर के निदेशक सिद्धांत जैन ने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि किसी मरीज की आर्थिक स्थिति उसके इलाज में बाधा न बने। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को कॉर्निया ट्रांसप्लांटेशन समेत बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संस्थान आगे भी प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी दृष्टिहीन व्यक्ति को दोबारा दुनिया देखने का अवसर देना चिकित्सा सेवा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।



