भाजपा बताये,धनकड़ को क्यों धक्का भारा : सुप्रियो भट्टाचार्य
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि उपराष्ट्रपति जगदीश धनकड़ का भाजपा द्वारा किया गया अपमान लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 74 वर्षीय धनकड़, जो वर्षों से भाजपा के लिए समर्पित रहे, उन्हें इस तरह से दरकिनार करना उनके प्रति राजनीतिक छल और असम्मान है।
भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा को यह जवाब देना चाहिए कि ऐसे वरिष्ठ नेता, जो एक सच्चे जाट किसान के बेटे हैं और जिनकी पहचान ईमानदार व स्पष्टवादी व्यक्ति के रूप में रही है, उन्हें क्यों अपमानित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब ऐसे नेताओं को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही जो लोकतंत्र और संविधान की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सहित कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन भाजपा ने उन सभी बहसों से बचने के लिए रणनीति अपनाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने देश और दुनिया को गुमराह करने वाला बयान दिया, जिससे भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान हुआ।
भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि उपराष्ट्रपति का कार्यकाल अभी बाकी था, ऐसे में उन्हें हटाने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। क्या अब उपराष्ट्रपति का कार्यकाल दो साल का ही रह गया है?
उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों को निलंबित कर भाजपा ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह लोकतंत्र की आत्मा को कुचलने जैसा है। भाजपा वर्तमान में घबराहट में है क्योंकि बिहार और बंगाल जैसे राज्यों में उसकी संभावित हार से पार्टी डरी हुई है।
झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य का भाजपा पर तंज,कहा-धनकड़ को भाजपा ने क्यों धक्का मारा
जगदीश धनकड़ को धक्का क्यों मारा,भाजपा बताये :सुप्रियो भट्टाचार्य
भाजपा के लिए जीने-मरने वाले 74 वर्षीय जगदीश धनकड़ का हुआ अपमान,विपक्ष के सासदों को ससपेंड करने का रिकॉर्ड बनाया,उसको भाजपा ने धक्का क्यों मारा. भाजपा ने धक्का इसलिए मारा क्योंकि वह सच्चा जाट किसान का बेटा था. देश को जिस प्रकार से भाजपा ने गुमराह किया,pmमोदी ने गलत बयानबाजी की. ओपरेशन सिंदूर के बाद क्यों नहीं दुनिया के देशीं से भारत का साथ नहीं दिया. संसद में ऐसे कई सवाल थे जिसमें चर्चा होनी थी. भाजपा यह नहीं चाहता था. यह साधारण बता नहीं भारत के लोकतंत्र में इसतरह का कभी नहीं हुआ. उप राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति बनते हैं. अभी तो दो साल शेष था. देश का दूसरा नागरिक देश का उप राष्ट्रपति होता है क्या उनका कार्यकाल चारसाल का नहीं होअगा. य्नका कार्यकाल डी साल का होगा, भारत के सांसद के आत्मा को कुचलकर रख देना चाहती है. भाजपा के पास फ्रेस्तेसन है. अभी बिहार और बंगाल चुनाव होना है दोनों राज्यों में भाजोप्पोया हारने वाली है.



