जब महिला घर चला सकती है तो पंचायत भी वह बेहतर ढंग से चलाएगी: दीपिका सिंह पांडेय

रांची: केंद्र हो या राज्य सरकार दोनों महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पंचायती राज कार्यक्रम में पंचायतों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह सात दिवसीय कार्यक्रम है। मुख्य अतिथि के तौर पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय उपस्थित हुई। उन्होंने कार्यक्रम को अबाधित करते हुए कहा कि आज की महिलाएं अभी क्षेत्रों में आगे चल रही है। जिसका झारखंड में यह प्रमाण है। यहां पर निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों की संख्या 55 है यानी आधी आबादी से अधिक है।
मंत्री ने कहा कि जब महिलाएं अपने घर चला सकती है तो पंचायत को भी वे बेहतर ढंग से चला सकती है। मंत्री ने कहा कि जब महिला परिवार के लिए निर्णय ले सकते हैं तो पंचायत में भी बेहतर फैसले ले सकती हैं। अपने परिवार की तरह पंचायत को बेहतर ढंग से चलना है। इसलिए महिलाओं को प्रशिक्षण जरूरी है।
मैं खुद अपने विभाग को बेहतर ढंग से चलाने के लिए हमेशा सिखाती हूं। मैं अपने विभाग के कार्यों को जानने का प्रयास करती हूं। इसलिए सबसे पहले आको अपने अधिकारों की जानकारी लेनी होगी। इस प्रशिक्षण में आपको यह सब चीजों की जानकारी दी जाएगी।
आपलोग पूरी तैयारी के साथ इस ट्रेनिंग में भाग लीजिए। इस ट्रेनिंग में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
मंत्री ने कहा 15 वें वित्त का जो पंचायत में पैसा आने वाला है उसपर भी काम हो रहा है। हमें उम्मीद है कि सरकार के कार्यों का धरातल पर उतारने में मदद करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत भवन में कोई भी मुखिया पति कार्य नहीं करे,मुखिया को ही पंचायत में काम करना है।
उन्होंने कहा कि यह पहल महिला नेतृत्व को केवल सम्मान ही नहीं देती, बल्कि उन्हें गांव के विकास की धुरी बनाने की दिशा में भी प्रेरित करती है। आज महिलाएं केवल जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि बदलाव की अग्रदूत बन रही हैं और यह प्रशिक्षण उन्हें उस भूमिका में और अधिक दक्ष बनाएगा।
वहीं पंचायती राज निदेशक बी राजेश्वरी ने कहा कि 17000 निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देना है। इसके बाद अन्य मॉडल का भी प्रशिक्षण देना है। इसके बाद प्रमंडलीय सिर का ट्रेनिंग होगा और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण होगा। भारत सरकार के द्वारा निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को जो ट्रेनिंग देना है वह होगा।
उन्होंने कहा कि कई जगह पर मुखिया पति एक्टिव रहते हैं। मुखिया अपने से नेतृत्व नहीं निभा पा रही है। इस पर हमलोग फोकस करेंगे।
अफीम की खेती को नष्ट करने में महिला मुखिया का बहुत बड़ा योगदान रहा था।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को बहुत सारी इश्यू है,उसको भी इस प्रशिक्षण में चर्चा करना है।
कार्यक्रम में पंचायती राज समन्वयक सलोनी ने कार्यक्रम का संचालन किया। वहीं विभाग के दीप्ति डायरेक्टर शैलेश कुमार ने विभाग के कार्यों की जानकारी दी। सीआरटी के प्राचार्य पद्मनाम ने अभी अतिथियों का स्वागत किया।

प्रशिक्षण में भाग लेने आई निर्वाचित पंचायत की मुखिया गोलमुरी जुलाई से सिंधु मुर्मू,सुमन सिरका,मधु लकड़ा आदि महिला प्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए समय समय पर प्रशिक्षण जरूरी है। जब तक हमलोग जाएंगे नहीं तबतक कोई भी विकास योजनाओं के बारे में आम लोगों को कैसे बताएंगे।

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