पटना के कई मोहल्लों में घरों में घुसा पानी
अजित,पटना/ फुलवारी शरीफ:
बिहार की राजधानी पटना मूसलाधार बारिश के कारण कभी भी जलजमाव का शिकार नहीं होता यहां जलजमाव का मुख्य कारण व्यवस्था की खामियां है इस बार मानसून देर से सक्रिय हुआ है गुरुवार से पटना में बारिश प्रारंभ हुई है 24 घंटे में रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण राजधानी पटना के 90 फ़ीसदी निचले इलाके जलजमाव के शिकार हो गए हैं कंकड़बाग में लोगों के घरों में पानी घुस गया है राजेंद्र नगर बहादुरपुर में मुख्य सड़कें डूब चुके हैं पटना में जो भी नए इलाके बसे हैं वहां ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण सड़कों पर 2 से 3 फीट पानी है। पटना के अति विशिष्ट समझे जाने वाले विधायक आवास परिसर में भी जलजमाव है सबसे भयंकर स्थिति अशोक राजपथ हथुआ मार्केट खेतान मार्केट इलाके की है। अशोक राजपथ में मेट्रो डबल डेकर पुल का काम चल रहा है जिसके कारण पूरे अशोक राजपथ में खुदाई हुई है जलजमाव और बारिश के कारण जगह-जगह स्थिति खतरनाक बनी हुई है मिट्टी के फैलाव के कारण सड़कों पर फिसलन हो गया है। खेतान मार्केट इलाके में दुकानों के अंदर 2 से 3 फीट पानी घुसा हुआ है नाली और सड़क का फर्क मिट गया है पूरा मार्केट जलजमाव का शिकार हो गया है सब्जीबाग की तरफ जाने वाली सड़क पर भी दो से 3 फीट पानी है। राजेंद्र नगर स्टेडियम मिलाकर बहादुरपुर मूवी बारिश ने सारी व्यवस्था की पोल खोल दी है।कंकड़बाग रेंटल फ्लैट इलाके में भी स्थिति भरा हुआ है। मीठापुर जक्कनपुर गर्दानीबाग चितकोहरा अनिशाबाद पुरंदरपुर समेत भीतरी इलाकों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पटना के सभी मुख्य सड़कों पर इन दिनों मेट्रो निर्माण का कार्य चल रहा है जिसके कारण सड़कों को बंद कर दिया गया है साथ ही साथ खुदाई हुई है सड़कों पर सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। पटना की ड्रेनेज सिस्टम पहले से ही बदहाल थी मेट्रो के निर्माण में इसे और बदहाल कर दिया है। शहर के कई ऐसे इलाके हैं जहां मेनहोल को खुला छोड़ दिया गया है जलजमाव के कारण सड़क पर गड्ढे के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है अगर कोई भी अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा पटना नगर निगम स्थानीय प्रशासन या फिर दुर्घटना का शिकार होने वाला व्यक्ति। पटना में जलजमाव की स्थिति को देखते हुए सभी निजी और सरकारी विद्यालय आदेश तक बंद कर दिया गया है।

