वोट चोरी, विधायक चोरी, सत्ता चोरी, मंदिर में चढ़ावे की चोरी आजाद भारत में पहली बार चोरी करने बाली सरकार: राकेश सिन्हा

रांची: राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित चोरी का मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि भाजपा के उस पूरे नैरेटिव पर सवाल है, जो वर्षों से भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति करती रही है।
प्रदेश कांग्रेस के मिडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा की
भाजपा ने चुनाव-दर-चुनाव “जय श्रीराम” के नारे पर वोट मांगे, लेकिन आज सवाल यह है कि जब रामलला के चरणों में चढ़ाए गए दान की सुरक्षा की बारी आई, तब भाजपा की तथाकथित रामभक्ति कहां चली गई? यदि भगवान के घर का चढ़ावा भी सुरक्षित नहीं है, तो भाजपा किस नैतिकता की बात करती है?
देश की जनता जानना चाहती है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब हुआ? क्या भाजपा के लिए भगवान श्रीराम सिर्फ चुनावी पोस्टर और भाषणों का विषय हैं? जब जवाबदेही की घड़ी आती है, तो भाजपा मौन क्यों हो जाती है?
कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि राम आस्था के विषय हैं, भाजपा की राजनीतिक जागीर नहीं। जो लोग हर मुद्दे पर धर्म का प्रमाणपत्र बांटते हैं, उन्हें पहले रामलला के चढ़ावे में हुई कथित चोरी का जवाब देना चाहिए।
हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो, दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों को राजनीतिक संरक्षण तो नहीं मिला।
“जो पार्टी खुद को रामभक्त कहती है, उसके शासन में रामलला का चढ़ावा भी सुरक्षित नहीं रहा। भाजपा को अब भाषण नहीं, जवाब देना होगा। राम के नाम पर राजनीति बहुत हो चुकी, अब राम के नाम पर हुई कथित लूट का हिसाब दीजिए।

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