केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मगही महोत्सव का किया उद्घाटन
पटना।केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बोधगया में मगही महोत्सव का उद्घाटन किया। मगही अकादमी व मगध विश्वविद्यालय, बोधगया द्वारा आयोजित मगही_महोत्सव सह डॉ राम प्रसाद सिंह अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक समारोह का उद्घाटन मांझी ने द्वीप प्रज्वलित कर किया। विश्विद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ ने मगही महोत्सव के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मगही महोत्सव में अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि “मगही महोत्सव जैसा आयोजन न केवल मगही भाषा व लोक परंपरा के संरक्षण का प्रयास है। बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने व प्रसार का माध्यम भी है। श्री मांझी ने कहा कि महोत्सव में बिहार और देश के नामी विद्वान, इतिहासकार, उद्यमी व कलाकारों की उपस्थिति से निश्चय ही मगही प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत साबित होंगी।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मगही भाषा को उचित सम्मान दिए जाने के लिए अपनी तरफ से किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मगही को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए इसके लिए उन्होंने राज्य से लेकर केंद्र के स्तर तक पहल की है। श्री मांझी ने कहा कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से भी इस दिशा में आग्रह किया है। मगही को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग वर्षों पुरानी रही है।वहीं इस संबंध में उनकी चर्चा बिहार में सीएम नीतीश कुमार से भी हुई है। उनका प्रयास होगा कि मगही को जल्द से जल्द यह सम्मान हासिल हो।
मगही महोत्सव के मंच से केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने देश की पुरानी व लोक संस्कृति को संरक्षित किए जाने के प्रयासों के लिए मगही अकादमी व मगध विश्वविद्यालय कि सराहना की। राधाकृष्णन सभागार, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय मगध विश्वविद्यालय परिसर बोधगया में आयोजित मगही महोत्सव सह डॉ राम प्रसाद सिंह अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक समारोह 2025 की अध्यक्षता मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही जी ने की। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो उपेंद्र कुमार सिंह, पूर्व विधान पार्षद एवं साहित्यकार प्रो प्रेम कुमार मणि, विश्विद्यालय के प्रति कुलपति प्रो बीआरके सिन्हा, विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य सुशील।कुमार, प्रो उपेंद्र नाथ वर्मा, पारस जी, सिंहासन जी, दिलीप जी के अलावा अलग–अलग महाविद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक भी मौजूद रहे। मगही से जुड़े साहित्यकारों और मगही प्रेमियों को।मौजूदगी में इस महोत्सव का संचालन प्रो० मीनाक्षी जी ने किया।



