पलामू में नक्सलियों से मुठभेड़, दो जवान शहीद – इलाके में दहशत, सर्च ऑपरेशन तेज
रांची: झारखंड के पलामू जिले में नक्सलियों और पुलिस बलों के बीच बीती रात भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें दो जवान शहीद हो गए और एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। यह मुठभेड़ मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव के जंगलों में हुई, जहां नक्सली करम महोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे।
सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की और नक्सलियों से मोर्चा संभाल लिया। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग होती रही। इस मुठभेड़ में तीन जवान गोली लगने से घायल हो गए। इलाज के दौरान संतन मेहता और सुनील राम वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि रोहित कुमार नामक जवान का इलाज डाल्टनगंज अस्पताल में चल रहा है। उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पलामू की एसपी रिष्मा रमेशन अस्पताल पहुंचीं और घायल जवान का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि हर हाल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। एसपी ने कहा कि शहीद हुए दोनों जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उनकी शहादत को पूरे राजकीय सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
मुठभेड़ की खबर फैलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग देर रात तक गोलीबारी की आवाजें सुनते रहे और गांवों में अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि भागे हुए नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नक्सली गतिविधियों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और इस तरह की घटनाओं से सुरक्षा बलों का मनोबल टूटने वाला नहीं है। इसके विपरीत, जवानों का उत्साह और दृढ़ संकल्प और बढ़ा है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राज्य में नक्सल समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और अभियानों से नक्सलियों का दायरा काफी सिमटा है, लेकिन अब भी वे मौके-बेमौके अपनी मौजूदगी जताने की कोशिश करते रहते हैं।
शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने की तैयारियां की जा रही हैं। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उनके परिवारों को हर संभव सहयोग और शहीद पैकेज के तहत मिलने वाली सुविधाएं दी जाएंगी।



