24 घंटे के अंदर शाहकुंड के मृतकों के परिजनों
भागलपुर। शाहकुंड प्रखंड के अंतर्गत एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में पांच युवकों की मृत्यु के बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर मृतकों के परिजनों को सहायता राशि प्रदान कर दी है। इस राशि की स्वीकृति अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार ने दी है। ज्ञात हो कि यह दुर्घटना 3 अगस्त की रात हुई, जब एक अनियंत्रित पिकअप वैन पलटने के बाद पानी में जा गिरी, जिससे उसमें सवार पांच युवकों की डूबने से मौत हो गई।
मालूम हो कि बीते रविवार की रात 11:30 बजे पुरानी खेरही गांव से अजगैबीनाथ धाम गंगा स्नान के लिए जा रही एक पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे पानी में पलट गई, जिससे पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार की सुबह 6 बजे शाहकुंड अकबरनगर स्टेट हाईवे 85 पर स्थित शाहकुंड बाजार के शिव मंदिर चौक पर सड़क को बांस बल्ला लगाकर जाम कर दिया था । उन्होंने थाना गेट के सामने मुख्य सड़क पर शव रखकर टायर जलाने की घटना को भी अंजाम दिया। इस घटना के संबंध में मनोज कुमार के पिता सियाराम पासवान ने बीआर 10 जीबी 1264 नंबर के पिकअप वाहन के चालक और मालिक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज कराया है। केस के अनुसार, सभी की मौत पानी में डूबने से हुई है। उल्लेखनीय है कि वाहन चालक अभी फरार है और उसकी पहचान मकंदपुर गांव के निवासी के रूप में की गई है।
दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी युवक शाहकुंड के पुरानी खेरही बाजार के निवासी थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है:
अंकुश कुमार (14 वर्ष)
संतोष कुमार (20 वर्ष)
मनोज कुमार (26 वर्ष)
विक्रम कुमार (20 वर्ष)
रवीश कुमार उर्फ मुन्ना (13 वर्ष)
घटना के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) विकास कुमार द्वारा प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि स्वीकृत कर दी गई। यह राशि आपदा प्रबंधन मद से प्रदान की गई है।
एसडीओ सदर ने बताया कि “प्रशासन की पहली प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत पहुंचाना है। सहायता राशि स्वीकृत कर दी गई है और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ भी शीघ्र उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी हैं।”
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस शीघ्र कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही इस मार्ग पर वाहनों की अनियंत्रित गति को लेकर चिंता भी व्यक्त की है। ग्रामीणों ने इस मार्ग पर यातायात नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की मांग की है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को टाला जा सके।



