प्रधानमंत्री ने की पावर प्रोजेक्ट की समीक्षा, राज्य सरकार ने कहा- कोरोना की बंदिशों के कारण निर्माण कार्य की गति थोड़ी मंद पड़ गई
रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पतरातू में बन रहे पावर प्लांट की समीक्षा की। पतरातू विद्युत उत्पादन निगम और नार्थ कर्णपुरा पावर प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान झारखंड सरकार ने भरोसा दिलाया कि अक्टूबर 2022 से बिजली का आरंभिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। जबकि अक्टूबर, 2023 तक दोनों ऊर्जा उत्पादन संयंत्रों से पूरी क्षमता के साथ उत्पादन आरंभ होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में राज्य सरकार के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने यह जानकारी दी।उन्होंने दोनों निर्माणाधीन ऊर्जा उत्पादक संयंत्रों के कार्य की जानकारी दी। इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा सचिव की मौजूदगी में एनटीपीसी के अधिकारी भी उपस्थित थे। एनटीपीसी के अधिकारियों ने भी दोनों परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष जताया।
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कोरोना की बंदिशों के कारण निर्माण कार्य की गति थोड़ी मंद अवश्य पड़ गई, लेकिन अब इसमें अपेक्षित सुधार हुआ है। इसके कारण परियोजनाओं से इस वर्ष अक्टूबर माह से उत्पादन आरंभ होने की संभावना है। दोनों परियोजनाओं की निगरानी राज्य सरकार के स्तर से भी हो रही है। इस बाबत आवश्यक क्लीयरेंस आदि की कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। स्थानीय स्तर पर पैदा हुई समस्याओं को भी प्राथमिकता के स्तर पर निपटारा किया जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पतरातू थर्मल पावर स्टेशन को बंद कर एनटीपीसी के साथ संयुक्त उद्यम के तौर पर पतरातू विद्युत उत्पादन निगम की स्थापना की है। दो चरणों में यहां 4000 मेगावाट उत्पादन क्षमता का पावर प्लांट स्थापित करना है। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी। जबकि कर्णपुरा पावर प्रोजेक्ट की अधिष्ठापित क्षमता 1980 मेगावाट की है। वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी आधारशिला रखी थी। वर्ष 2013 में इसका कार्य आरंभ हुआ।

