मिथिलांचल का लोक पर्व ‘चोरचन’ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया
रांची : राजधानी रांची में मंगलवार को मिथिलांचल का लोक पर्व चोरचन (चंद्रमा भगवान की पूजा) बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर मिथिला समाज के लोग अपने घर-आंगन और मोहल्लों में एकत्रित होकर परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार चंद्रमा भगवान को अर्घ्य अर्पित किए।
शहर के हरमू, हिनू, कांके रोड,लालपुर, बरियातू, मोरहाबादी, धुर्वा, हटिया और अपर बाजार सहित विभिन्न इलाकों में मिथिला समाज के लोग बड़ी संख्या में जुटे। महिलाओं ने व्रत रखकर पूजा की और पारंपरिक गीत गाते हुए चंद्रमा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। हरमू स्थित वार्ड पार्षद अरुण कुमार झा के आवास पर पूरे भक्तिभाव के साथ मनाया गया। पूजा के बाद घर-घर में दही-चूड़ा, पूड़ी–तरकारी, खीर और पारंपरिक मिठाइयाँ बनाई गईं और परिवारजन एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। बच्चों और युवाओं ने भी इस पर्व में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे सामाजिक उत्सव का रूप दिया।
कांके रोड स्थित मिथिला छात्र परिषद और हरमू क्षेत्र के मिथिला सांस्कृतिक मंच के सदस्यों ने सामूहिक रूप से चंद्रमा भगवान की पूजा-अर्चना की और सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया। वहीं धुर्वा सेक्टर-2 और हटिया इलाके में महिलाओं ने सामूहिक रूप से व्रत कथा का पाठ किया।
समाज के वरिष्ठजन बताते हैं कि यह पर्व सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह मिथिला की कृषि और प्रकृति-आधारित जीवनशैली से भी जुड़ा हुआ है। खरीफ फसल के पकने के समय यह पर्व किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि चंद्रमा भगवान की पूजा से परिवार में शांति, सौभाग्य और समृद्धि आती है।
रांची में रह रहे मिथिला समाज के लोगों का कहना है कि चोरचन जैसे पर्व उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से अवगत कराते हैं।



