रोबोसैपियंस के सदस्यों के साथ गणादेश की खास बातचीत…
“हमें घर जैसा ही लगा भागलपुर, जाम एक बड़ी समस्या, ट्रैफिक नियमों के प्रति संवेदनशीलता का अभाव”
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर । अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित Metuchen High School के छात्र – ईशान, आदित्य, सात्विक और प्रकेत – हाल ही में दसवीं कक्षा की परीक्षा दे चुके हैं। ये सभी 15–16 वर्ष की आयु के हैं और सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था समवेत के साथ मिलकर वंचित वर्ग के बच्चों के लिए डिजिटल लर्निंग सेंटर स्थापित करने के उद्देश्य से भागलपुर आए थे।
इन छात्रों ने अपने स्कूल और समुदाय से मिलकर इस परियोजना के लिए $5000 (लगभग चार लाख रुपए) एकत्र किए। रोबोसैपियंस, समवेत और संस्कृति की संयुक्त पहल “पंख” की चार दिवसीय कार्यशाला में उन्होंने सक्रिय भागीदारी की। कार्यशाला के बाद गणादेश के साथ हुई उनकी बातचीत के अंश –
गणादेश: आपको भागलपुर आकर कैसा लगा? कौन सी बातें आपको सबसे अच्छी लगीं?
रोबोसैपियंस:
हमारा अनुभव बहुत ही अच्छा रहा। हममें से कई लोगों ने पहली बार गांव देखा, और यह हमारे लिए एक खास अनुभव था। जब हम समवेत की टीम के साथ गोकुलपुर और काझा गांव पहुंचे, तो रास्ता लंबा था, लेकिन ग्रामीणों द्वारा किया गया आत्मीय स्वागत हमारे दिल को छू गया।
“We felt completely at home!” — हमें घर जैसा ही महसूस हुआ। उन्होंने जो फूलों का गुलदस्ता हमें भेंट किया, वह उनके अपने हाथों से तैयार किया गया था – यह बहुत खास था।
गणादेश: ऐसा कुछ जो आपको अच्छा नहीं लगा?
रोबोसैपियंस:
कुछ बातें थीं जो अमेरिका से अलग थीं और थोड़ी असुविधाजनक भी रहीं:
कई जगहों पर सड़कों की हालत खराब थी।
“It was mostly a bumpy ride!”
ड्राइवर अक्सर अपनी लेन छोड़कर दूसरी लेन में आ जाते थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
हमें एक बार लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा, जिससे हमारा काफी समय नष्ट हुआ।
उमस भरी गर्मी से भी परेशानी हुई।
गांवों में बच्चों को बिना चप्पल के घूमते देखा, जिससे उनके बीमार होने की संभावना रहती है।
कार्यक्रम के दौरान हमें एक स्पष्ट लैंगिक विभाजन (gender divide) दिखा — लड़कियाँ अधिक संख्या में भाग ले रही थीं, जबकि लड़कों की उपस्थिति बहुत कम थी।
गणादेश: इन समस्याओं का समाधान क्या हो सकता है?
रोबोसैपियंस:
ट्रैफिक की समस्या का समाधान पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और बेहतर ट्रैफिक नियमों के पालन से हो सकता है। नियमों के उल्लंघन पर लगातार और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
लैंगिक विभाजन के पीछे के कारणों की सामाजिक स्तर पर पड़ताल होनी चाहिए। अमेरिका में ऐसी स्थिति सामान्यतः नहीं देखने को मिलती, इसलिए हमें यहां की सामाजिक परतों को समझना होगा।
“On the surface, the problems might appear to be same, but there are layers below these problems which we need to uncover and then work on the solutions.”
गणादेश: इन बच्चों के लिए आप क्या संदेश देना चाहेंगे?
रोबोसैपियंस:
हम इन बच्चों से यही कहना चाहेंगे कि वे शिक्षा ग्रहण करें। शिक्षा ही हमारे जीवन को बदलने की क्षमता रखती है। हम सभी छात्र आज जो कुछ भी हैं, वह अपनी पढ़ाई के बल पर हैं।
हम जानते हैं कि इन बच्चों के लिए यह राह आसान नहीं है, लेकिन यदि वे ईमानदारी और मेहनत से प्रयास करें, तो RoboSapiens की पूरी टीम उनके साथ है।
“I think this joint collaboration of Samvet, Sanskriti and RoboSapiens together can make this possible!”
गणादेश की ओर से आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
रोबोसैपियंस:
We also thank you and express our gratitude for hosting us and giving us this opportunity to collaborate.
इस अवसर पर समवेत की कार्यकर्ता वर्षा ऋतु और निदेशक विक्रम भी उपस्थित रहे।



