‘मृत’ पत्नी से हुई जीवित भेंट, हो चुका था श्राद्ध, पुलिसकर्मी ने मिलवाया बिछड़ा परिवार
भागलपुर। भागलपुर से एक ऐसी दास्तान सामने आई है, जो चौंकाती भी है और दिल को छू जाती है। यह कहानी है एक पति की टूटी उम्मीदों की, एक पुलिसकर्मी की अडिग इंसानियत की और उस पल की, जब एक ‘मृत’ पत्नी ने अचानक जी उठकर पूरे समाज को हैरान कर दिया।
सत्यनारायण सिंह की दुनिया उस वक्त उजड़ गई, जब उनकी पत्नी गुड़िया देवी बिना किसी सुराग के अचानक गायब हो गईं। दिन, हफ्ते, और फिर महीने बीतते गए – न कोई खबर, न कोई आशा। पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई, तलाश जारी रही, पर परिणाम सिफर।
गांव के ताने, समाज का दबाव, और टूटती उम्मीदों के बीच एक दिन सत्यनारायण ने हार मान ली। उन्होंने वो कर दिया, जो किसी भी जीवित इंसान के लिए सबसे कड़वा सत्य होता है – अपनी पत्नी का श्राद्ध कर दिया।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। भागलपुर ट्रैफिक पुलिस में तैनात हेड कॉन्स्टेबल धनंजय कुमार ने एक दिन सड़क किनारे घायल अवस्था में एक महिला को देखा। बिना समय गंवाए उन्होंने महिला को अस्पताल पहुंचाया और फिर उनकी पहचान के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। मानवीय संवेदनाओं से भरी उनकी ये कोशिश रंग लाई – वीडियो वायरल हुआ और चमत्कार हो गया।
वीडियो में दिखी महिला को पहचानते ही सत्यनारायण सिंह की आंखों से आंसू बह निकले। वह दौड़ते हुए अस्पताल पहुंचे, जहां उनकी ‘मृत’ मानी गई पत्नी जिंदा मिली। सात महीने की जुदाई और एक श्राद्ध के बाद जब पति-पत्नी आमने-सामने आए, तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। मैंने तो सारी उम्मीदें छोड़ दी थीं, लेकिन लगता है भगवान ने मेरी सुन ली, सत्यनारायण ने कांपती आवाज में कहा।
आज यह परिवार फिर से एकजुट है – सिर्फ एक पुलिसकर्मी की सजगता, दया और कर्तव्यनिष्ठा के कारण। इंसानियत जिंदा है, और यह कहानी उसका सबसे जीवंत प्रमाण है। पुलिसकर्मी सत्यनारायण ऐसे सामाजिक कार्यों के लिए भागलपुर शहर की गालियों में शुमार है।

