भागलपुर में दौड़ा जोश, पेडल पर चला संदेश – नशा मुक्त भारत की ओर युवा कदम!
प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। आज सैंडिस कंपाउंड की फिज़ा कुछ अलग थी। चेहरे थे युवा, इरादे थे फौलादी और कदम थे एक मिशन पर – नशा मुक्त भारत की ओर। बिहार सरकार के खेल विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ एक ऐसा आयोजन, जहां दौड़ और साइकिलिंग के माध्यम से युवाओं ने नशे के खिलाफ हुंकार भरी।करीब 100 बालक-बालिकाओं ने सुबह की सुनहरी धूप में दौड़ते हुए यह साबित कर दिया कि अगर शरीर में ताकत है और मन में चेतना तो बदलाव कोई सपना नहीं, हकीकत हो सकता है।
कार्यक्रम का आगाज़ जिला कला-संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने हरी झंडी दिखाकर किया। खेल के मैदान पर दौड़ती टांगें और पेडल मारते युवाओं की आंखों में सिर्फ एक ही लक्ष्य था – स्वस्थ शरीर, नशा मुक्त समाज!
बालक वर्ग: राजा कुमार, सुजीत कुमार, अंकुश आर्य। बालिका वर्ग: श्रेयश्री, सुष्मिता कुमारी, ऋषिका कुमारी।
साइकिलिंग में रहा जोश हाई गियर में: बालक वर्ग:
शिवम कुमार, प्रिंस राज, संजीव कुमार।
खेल के साथ-साथ बिहार बाल भवन ‘किलकारी’ के रंगमंच पर चला रचनात्मकता का रंग।
पेंटिंग, भाषण और वाद-विवाद के माध्यम से बच्चों ने नशा मुक्ति के प्रति अपनी सोच को रंगों और शब्दों में ढाला। करीब 200 बच्चों ने इस सांस्कृतिक महायज्ञ में भाग लिया।कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण कुमार और अंकित रंजन ने संयुक्त रूप से किया।
जिन्होंने दौड़ लगाई, रंग भरे या मंच पर बोले – सभी को उनकी प्रतिभा के लिए मेडल और ट्रॉफी से नवाजा गया। सम्मानित करने वालों में थे – साहिल (समन्वयक, किलकारी), सतीश चंद्र, मृणाल किशोर,
अमीर खान, कुंदन कुमार, और अन्य प्रशिक्षक।

