राउंडटेबल एरिया 16 ने फ्लाइट ऑफ़ फ़ैंटसी कार्यक्रम के तहत सौ गरीब बच्चों को दो दिनों के टूर पर फ्लाइट से भेजा उड़ीसा
रांची: राउंडटेबल एरिया 16 ने फ्लाइट ऑफ़ फ़ैंटसी कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को समाज में गरीब और जरूरतमंद सौ बच्चों को सपनों की उड़ान पर हवाई जहाज से उड़ीसा भेजा। इसमें 26बच्चे पारसनाथ स्कूल के हैं। पहली बार हवाई जहाज से यात्रा करने पर बच्चों के चेहरे पर खुशियां देखी गई।
राउंडटेबल के धनबाद,रांची, जमशेदपुर, राउरकेला के मेंबर अपने अपने शहरों से बच्चों को ले कर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंचे। यहां से सभी एक साथ फ्लाइट से भुवनेश्वर के लिए रवाना हुए। वहां पर धार्मिक स्थल,म्यूजियम और समुद्री तट का भ्रमण कराया जाएगा। अगले दिन बच्चों को मॉल में फ़िल्म दिखाई जाएगी । रांची समारिटन राउंडटेबल 244, रांची यूटोपियन राउंडटेबल 284, रांची एंकोरेज राउंडटेबल 160 ने संयुक्त रूप से बेड़ा उठाया है ।राउंडटेबल एरिया 16 के अध्यक्ष कशिश व्यास, रांची के तीनो राउण्डटेबल के अध्यक्ष अविनाश जैन आलोक गेरा, एवं यशवर्धित सिंह ने बच्चों के साथ सफर कराएंगे
वहीं राउंड टेबल के अध्यक्ष अविनाश जैन ने कहा कि इस तरफ के टूर से बच्चों को बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। राउंड टेबल गरीब और जरूरतमंद बच्चों को फ्लाइट ऑफ़ फ़ैंटसी के तहत हवाई यात्रा कराती है। इसमें सभी जगहों के बच्चे शनिवार को भुवनेश्वर पहुंचेंगे। यहां पर बच्चों को मनोरंजन कराया जायेगा।
आलोक गेरा ने कहा कि राउंडटेबल का मकशद है बच्चों में एजुकेशन थ्रू फ्रीडम ,उसी के तहत उन्हें उड़ीसा टूर पर हवाई जहाज से ले जाया जा रहा है। यश सिंह ने कहा कि समाज के वैसे गरीब बच्चे जिन्होंने अबतक फ्लाइट से यात्रा नहीं किया है,उनके सपनों को उड़ान देना राउंड टेबल का उद्देश्य है। वहीं रचना जैन ने कहा कि ये सभी बच्चे पारसनाथ स्कूल के हैं और हमलोग इनलोगों को भुवनेश्वर दो दिनों के लिए टूर पर ले जा रहे हैं।
जानकारी देते हुए राउंड टेबल के मीडिया कन्वेनर पौरुष जैन दूरभाष पर बताया कि राउंडटेबल इंडिया का मुख्य उद्देश्य फ़्रीडम थ्रू एजूकेशन हैं।
राउंडटेबल एवं लेडीज़ सर्कल ने हजाम बस्ती हटिया स्थित पारसनाथ पब्लिक स्कूल सहित रांची एवं खूंटी में कई स्कूल एवं क्लासरूम का निर्माण करवाया है एवं दो टोईलेट ब्लॉक का निर्माण करवाया है।
राउंडटेबल इंडिया एवं लेडीज़ सर्कल इंडिया युवाओं की एक सामाजिक संस्था है जो अंडरप्रिविलेज्ड बच्चों के लिए स्कूल का निर्माण करती है। जिसके तहत देशभर में अबतक नौ हज़ार से ज़्यादा क्लासरूम का निर्माण संस्था द्वारा किया जा चुका है।



