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आयुक्त की अध्यक्षता में एनएमसीएच रोगी कल्याण समिति की समीक्षात्मक बैठक

पटना।प्रमंडलीय आयुक्त डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने कहा कि नागरिकों को सुगम, विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण व सृदृढ़ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है! इसके लिए सभी पदाधिकारियों व चिकित्सकों को सजग, तत्पर व प्रतिबद्ध रहना पड़ेगा!वे शुक्रवार कोराजधानी के नालन्दा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल परिसर में नवनिर्मित स्किल सेंटर के सभागार में एनएमसीएच के रोगी कल्याण समिति की शासी निकाय की बैठक को संबोधित कर रहे थे। आयुक्त डॉ. सिंह ने कहा कि विकसित बिहार व आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय में सभी के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुविधा का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे प्रभावी, कुशल, संवेदनशील व जवाबदेह कार्य-प्रणाली से ही हासिल किया जा सकता है। वहीं
आयुक्त डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने संस्थान में रोगियों के उपचार के लिए बेहतर सुविधा व अच्छी कार्य प्रणाली पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनएमसीएच में मरीजों का काफी दवाब है। ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 1500-2000 रोगियों का इलाज होता है। एक साल में यहाँ 10 लाख से ज्यादा पैथोलॉजी टेस्ट किया जा रहा है। रोगियों की अत्यधिक संख्या के मद्देनजर आज की बैठक में निर्णय लिया गया कि अस्पताल का पुनर्विकास करते हुए बेड की संख्या 1089 से बढ़ा कर 2500 करने का प्रस्ताव विभाग को भेजा जाएगा। आयुक्त डॉ. सिंह ने कहा कि अन्य मेडिकल कॉलेज की तरह एनएमसीएच को भी अपग्रेड करने की विधिवत कार्रवाई की जाएगी। रोगियों के कल्याण हेतु संस्थान में आवश्यकतानुसार विकास कार्य कराने के लिए उनके स्तर से विभाग से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
आयुक्त ने बीएमएसआईसीएल के उप महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि अस्पताल के अधीक्षक से सम्पर्क स्थापित कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। अस्पताल का समुचित मेंटेनेंस सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। आपातकालीन विभाग से मुख्य द्वार तक सड़क की स्थिति अच्छी नहीं है। इसका निर्माण करने के लिए बीएमएसआईसीएल को तेजी से कार्य करने का निदेश दिया गया। अस्पताल की सुरक्षा एवं एक्सेस कंट्रोल को सुनिश्चित करने हेतु बीएमएसआईसीएल को सिंगल-इन्ट्री प्वाईंट बनाने के लिए विधिवत कार्य करने का निदेश दिया गया।
अधीक्षक द्वारा आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि एनएमसीएच परिसर में अज्ञात लोगों द्वारा अवैध रूप से भवन बनाया जा रहा है। इससे संस्थान की सुरक्षा के साथ-साथ रोगियों एवं उनके परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। आयुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी को अवैध निर्माण तुरत रूकवाने का निदेश दिया। साथ ही अस्पताल की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। अतिक्रमण को चिन्हित करते हुए विधिवत रूप से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया।
आयुक्त डॉ. सिंह ने कहा कि आभा आईडी बनवाने हेतु स्कैन शेयर बार कोड/एबीडीएम कम्प्लायंट सॉफ्टवेयर के क्रय हेतु अधीक्षक को विधिवत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
आज की इस बैठक में आयुक्त ने एनएमसीएच द्वारा मरीजों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। रोगी कल्याण समिति की पूर्व बैठक में प्रदत्त निदेशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की गई। अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। अधीक्षक-सह-सदस्य सचिव, रोगी कल्याण समिति, एनएमसीएच द्वारा प्रस्तुत एजेंडा पर सदस्यों ने एक-एक कर चर्चा की। अस्पताल के प्रबंधन एवं संचालन पर विस्तृत विमर्श किया गया। मरीजों के हित में दवाओं एवं यंत्रों की उपलब्धता, ओपीडी तथा आईपीडी का संचालन, मेडिकल वेस्ट का निष्पादन, मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सकों एवं कर्मियों की उपस्थिति, आउटसोर्सिंग, संस्थान में जलापूर्ति, नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति, शौचालय, स्वच्छता सहित विभिन्न बिन्दुओं पर उपस्थापित प्रस्तावों पर समिति के सदस्यों ने चर्चा की।
अधीक्षक द्वारा आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि बायोमेडिकल वेस्ट के उठाव एवं निष्पादन हेतु प्रावधानों के अनुसार कार्य किया जा रहा है। आयुक्त डॉ. सिंह ने बीएमएसआईसीएल के उप महाप्रबंधक को बायोमेडिकल वेस्ट के डंपिंग यार्ड का निर्माण 10 दिन के अंदर पूरा करने का निदेश दिया। उन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट एवं म्युनिसिपल वेस्ट के उठाव से पहले पृथक्करण एवं वैज्ञानिक तरीके से हॉस्पिटल वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम विकसित करने का निदेश दिया। आयुक्त ने कहा कि अस्पताल के दैनिक प्रबंधन में सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल मानकों को अपनाया जाए।
आयुक्त ने कहा कि रोगी कल्याण समिति के गठन के उद्देश्यों के प्रति सभी को दृढ़ संकल्पित रहने की आवश्यकता है। रोगियों को कोई समस्या न हो इसे सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर उन्नयन तथा आधुनिकीकरण के लिए प्रयत्नशील रहें। मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सकीय वातावरण प्राप्त होना चाहिए। आयुक्त द्वारा अधीक्षक को निदेश दिया कि रोगी कल्याण समिति के राजस्व का स्रोत बढ़ाने के लिए नियमानुसार कार्य किया जाए।
बैठक में आयुक्त के साथ अधीक्षक एनएमसीएच, प्राचार्य एनएमसीएच, क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, उपमहाप्रबंधक, बीएमएसआईसीएल, रोगी कल्याण समिति के सदस्यगण तथा अन्य उपस्थित थे।

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