रामलला पूजा समिति को श्रेष्ट पूजा पंडाल के रूप में किया गया सम्मान, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा झारखंड ने किया पुरस्कार वितरण

गणादेश,रांची: राजधानी रांची के जिला स्कूल परिसर में स्थापित रामलला पूजा समिति इस वर्ष अपने भव्य और अद्वितीय पूजा पंडाल के लिए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, झारखंड प्रदेश द्वारा सम्मानित की गई। यह सम्मान समिति को श्रेष्ठ पूजा पंडाल के रूप में दिया गया। महासभा ने इस मौके पर पूजा समिति को शिल्ड, मोमेंटो, अंगवस्त्र और पारंपरिक शस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया, जो समिति के सदस्यों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बना।
इस अवसर पर महासभा के अध्यक्ष डॉ. सी.बी. सहाय, जो देश के प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन हैं, ने कहा कि इस पंडाल की रचना और भव्यता गुजरात के भूज स्थित स्वामीनारायण मंदिर के अनुरूप की गई है। उन्होंने बताया कि पूजा पंडाल की अद्वितीय बनावट और आकर्षण केवल झारखंड में ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में भी चर्चा का विषय बन चुका है। डॉ. सहाय ने कहा कि यह प्रयास केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर भी युवाओं और नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।
सम्मान वितरण समारोह में महासभा के अध्यक्ष अशोक चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष युवा राजेश सिन्हा, महामंत्री सुशील कुमार लाल, उपाध्यक्ष डॉ. अनल कुमार सिन्हा, राष्ट्रीय महिला उपाध्यक्ष आस्था किरण, व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रवि कुमार और जिला अध्यक्ष सजल सहाय सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पुरस्कारों का उद्देश्य समाज में उत्कृष्टता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।
रामलला पूजा समिति के कोषाध्यक्ष प्रकाश धेलिया ने बताया कि पंडाल की भव्यता और कला के प्रति निष्ठा पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस पंडाल की बनावट और कलाकारी इतनी आकर्षक है कि गुजरात के भूज से आए संत भी इसे देखकर बहुत खुश हुए। संतों ने कहा कि “आप लोगों ने झारखंड में गुजरात के स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण कर दिया है।”
इस भव्य आयोजन ने न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि देशभर के धर्म और संस्कृति प्रेमियों का ध्यान खींचा। रामलला पूजा समिति की टीम ने उल्लेखनीय प्रयास और समर्पण के साथ यह पंडाल तैयार किया, जो झारखंड के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई मिसाल बन गया है।
इस मौके पर उपस्थित नागरिकों और भक्तों ने भी समिति के सदस्यों को बधाई दी और इस आयोजन को सराहा। इस प्रकार का सम्मान केवल पूजा समिति के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।

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