बाबा की बीमारी के बीच रामहरि गोप का भावुक संदेश, माता-पिता का ऋण जीवनभर नहीं चुकाया जा सकता
चाईबासा। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व राँची लोकसभा एवं ईचागढ़ विधानसभा प्रत्याशी रहे रामहरि गोप इन दिनों अपने गंभीर रूप से बीमार बाबा की सेवा में पूरी निष्ठा के साथ जुटे हुए हैं। उनके बाबा दोबारा ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और अस्पताल में उपचाराधीन हैं। परिवार उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।
रामहरि गोप ने बताया कि शुक्रवार शाम से लेकर सोमवार सुबह तक उनके बाबा लगभग 40 घंटे तक आँखें और मुँह बंद रखे रहे। सोमवार सुबह जब उन्होंने पहली बार आँखें और मुँह खोला तथा उन्हें व्हीलचेयर पर विभिन्न चिकित्सीय जाँचों के लिए ले जाया गया, तब उनकी हर साँस जीवन से संघर्ष करती हुई प्रतीत हो रही थी। उन्होंने कहा कि उस क्षण उन्हें केवल एक मरीज नहीं, बल्कि वह पिता दिखाई दिए जिन्होंने पूरी जिंदगी अपने परिवार के सुख, शिक्षा और भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में कई लोग विपरीत परिस्थितियों में अपने बुजूर्ग माता-पिता से दूरी बना लेते हैं, जबकि संतान का सबसे बड़ा धर्म उनके सबसे कठिन समय में उनके साथ खड़ा होना है। जिस पिता ने बच्चों का हाथ पकड़कर उन्हें जीवन की राह दिखाई और अपने सपनों का त्याग कर उनका भविष्य संवारा, उसके जीवन के अंतिम और सबसे कठिन दौर में उसका साथ निभाना हर बेटे और बेटी का नैतिक दायित्व है।
रामहरि गोप ने समाज से भावुक अपील करते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा किसी प्रकार का एहसान नहीं, बल्कि उनका वह अमूल्य ऋण है जिसे पूरा जीवन भी पूरी तरह नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि इस संदेश को पढ़ने के बाद एक भी बेटा या बेटी अपने माता-पिता का हाथ मजबूती से थामने और उनकी सेवा करने का संकल्प लेता है, तो यही उनके इस संदेश की सबसे बड़ी सफलता होगी।

