कांग्रेस विधायकों को 10 करोड़ और एक मंत्री पद देने का था ऑफर: राजेश ठाकुर
रांची : झारखंड में कांग्रेस विधायकों की खरीद परोख्त का मामला अब उजागर हो चुका है। एक विधायक को 10करोड़ रुपए और मंत्री पद का ऑफर दिया गया है। यह बातें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर और कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने संयुक्त रूप से रविवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता कर जानकारी दी है।
राजेश ठाकुर ने कहा कि झारखंड में जब से गैर भाजपा की सरकार बनी है तब से लगातार भाजपा के शीर्ष नेता कांग्रेस विधायकों को प्रलोभन दे कर सरकार गिराने की कोशिश कर रही है। इस बार भी महाराष्ट्र की तरह असम के मुख्यमंत्री के द्वारा झारखंड कांग्रेस विधायकों को ऑफर दिया गया। इसकी पुख्ता जानकारी तब मिली जब कांग्रेस विधायक अनूप सिंह ने पार्टी को बताया। इसपर रविवार को अरगोड़ा थाना में मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता सभी विधायकों से संपर्क कर रहे थे। कुछ विधायकों को ट्रेप करने की कोशिश भी किया जा रहा था। जनता की चुनी हुई सरकार को भाजपा सारे आम लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश करती है। यह पूरा देश देख रहा है। इस कुकृत्य को करने वाले पर कार्रवाई होना चाहिए। राजेश ठाकुर ने एफआईआर कॉपी को पढ़ कर बताया। राजेश ठाकुर ने कहा कि तीनों विधायकों के पास रुपए बरामद हुए हैं। इसकी जांच होगी। जांच जबतक चलेगा तबतक तीनों विधायक इरफान अंसारी,राजेश कच्छप और नमन विकल निलंबित रहेंगे।
वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि विधायक अनूप सिंह के एफआईआर दर्ज में सभी मामले का उजागर हो चुका है। उन्होंने कहा कि देने वाला कौन और लेने वाला कौन यह भी उजागर होना चाहिए। जनता विधायक को चुनकर भेजती है। लेकिन विधायक पैसे के लोभ में जनता के अरमान पर पानी फेर देते हैं।
पूर्व विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा का फितरत ही ऐसा है। चोरी और फिर सीनाजोरी।भाजपा लगातार झारखंड में गठबंधन की सरकार को अस्थिर करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि जब लेने वाले पर कार्रवाई हुई है तो देने वाले पर भी कार्रवाई होना चाहिए।
प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता राजीवरंजन प्रसाद और राजेश सिन्हा मौजूद थे।

