घाटशीला उप चुनाव को लेकर सियासी गतिविधि तेज, झामुमो और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना
रांची : झारखंड में घटशीला उप चुनाव के लिए सियासी गतिविधि तेज ही गई है। एक तरह जहां झामुमो को सीट बचाने के लिए कई चुनौतियों से सामना करना पड़ेगा,वहीं भाजपा इस सीट को पाने के लिए हर वह फंड आजमाने में पीछे नहीं रहेगी।
घाटशीला सीट झामुमो का रहा है और यहाँ पर पूर्व शिक्षा मंत्री दिवंगत रामदास सोरेन निर्वाचित हुए थे। उनका कुछ दिन पहले इलाज के दौरान निधन हो गया था। जिससे घाटशीला सीट खाली हो चुकी है। इस सीट पर चुनाव आयोग चुनाव कराने की प्रक्रिया में जुट गई है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्व. रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन को झामुमो के तरफ से टिकट मिलना तय है। यही नहीं उससे पहले उनको कैबिनेट मंत्री भी बनाए जाने की चर्चा है। वहीँ भाजपा किसे उमीदवार बनाएगी अबतक फैसला नहीं हुआ है। लेकिन पूर्व सीएम चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को टिकट मिलने की चर्च तेज है।
उधर भाजपा नेता सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि घाटशीला शीट पर भाजपा प्रत्याशी की ही जीत होने वाली है। क्योंकि, राज्य में बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार से जनता तंग हो चुकी है। हर जगह माफिया का राज है। इसका असर घाटशीला का जनादेश में दिखेगा।
वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय प्रवक्ता मनोज पाण्डेय ने कहा घाटशीला विधानसभा सीट झामुमो का रहा है और वहां से स्व.रामदास सोरेन पहले विधायक थे। वहां की जनता स्व. रामदास सोरेन के परिवार के किसी सदस्य को ही अपना जनप्रतिनिधि देखना चाहती है। इसलिए घाटशीला सीट झामुमो आसानी से फतह करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा घाटशीला सीट को पाने के लिए पूरी ताकत लगा देगी। लेकिन भाजपा के प्रत्याशी की जमानत जब्त हो जाएगी। क्योंकि झारखंड में अब भाजपा की दाल गलने वाली नहीं है। यहां की जनता सीएम हेमंत सोरेन सरकार के विकास कार्यों से खुश है।

