आम बजट पर सांसद संजय सेठ ने कहा-हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए है यह बजट
रांची: देश की आजादी के 75 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है, जब केंद्र प्रायोजित 300 योजनाओं की राशि सीधे लाभुकों के खाते में जा रही है। बीच में कोई बिचौलिया नहीं है। कोई कागजी कोरम भी नहीं है और यह संभव हुआ है प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी सोच से। वर्ष 2023- 24 का बजट देश के हर वर्ग का बजट है। कोई ऐसा वर्ग या क्षेत्र इस बजट से अछूता नहीं है। यह आजादी के अमृत काल का अमृत बजट है। उक्त बातें रांची के सांसद श्री संजय सेठ ने रविवार को अपने केंद्रीय कार्यालय में पत्रकार वार्ता के क्रम में कहीं। आम बजट के बाद सांसद अपने केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। सांसद श्री सेठ ने कहा कि यह बजट मुख्य रूप से किसान, ग्रामीण विकास, महिला विकास और सशक्तिकरण, विश्वकर्मा, मध्यमवर्ग, एमएसएमई, स्वास्थ्य, शिक्षा और युवा वर्गों को प्रोत्साहन, स्वरोजगार के लिए समर्पित बजट है। इसके साथ ही श्री अन्न यानि मोटा अनाज की खेती को प्रोत्साहन, इस देश के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए, देश के छोटे किसानों के स्वास्थ्य के लिए और देश की मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए तीनों ही के लिए लाभप्रद है।
सांसद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए 48000 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था, जिसे बढ़ाकर 79590 करोड किया गया। यह 66% की वृद्धि देश के गरीबों को आवास उपलब्ध कराएगी।
बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और आवास व्यवस्थाओं में सुधार के लिए देश के 500 प्रखंड मुख्यालयों में आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम आरंभ किया जा रहा है।
श्री सेठ ने जनजातीय समाज के विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाने और उसे अमलीजामा पहनाने को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के उत्थान के लिए 3 लाख 50 हजार आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए 740 एकलव्य मॉडल विद्यालय की स्थापना, साथ ही 38,800 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ है। इससे न सिर्फ जनजाति समाज के बच्चों में बड़ा बदलाव आएगा बल्कि रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
वहीं सहकारिता और विश्वकर्मा के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव तैयार की जाने वाली है। कारीगरों और शिल्पकारों की सहायता करके स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसके तहत ऐसे किसी भी क्षेत्र से जुड़े लोगों को ₹2 लाख तक की ऋण देने की व्यवस्था की गई है। 7 लाख रुपए तक की आय पर अब कोई कर नहीं देना होगा। यह मध्यम वर्गीय परिवार के लिए बड़ी राहत की बात है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के तहत जमा की जाने वाली राशि की सीमा ₹15 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख की गई है।
सांसद ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को सहायता देकर स्वरोजगार की दिशा में काम करने वालों को प्रोत्साहित करने की योजना है। स्वास्थ्य, शिक्षा किसी भी देश के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण और बुनियादी जरूरत है। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 1 लाख 6 हजार करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार करोड रुपए का बजट किया गया है।
शिक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सके इसके लिए 14500 पीएम श्री स्कूल के प्रावधान किए गए हैं।
सांसद श्री सेठ ने कहा कि देश के युवा और भी कुशल बन सके, उनका कौशल विकास हो। इसके लिए 30 अंतरराष्ट्रीय सेंटरों की स्थापना की गई है। आने वाले 3 साल में लाखों युवाओं को कौशल विकास में पारंगत किया जाएगा।
रेल मंत्रालय की सौगातों से खुलेंगे विकास के द्वार, बढ़ेगी रफ्तार।
इस प्रेस वार्ता के क्रम में सांसद ने बताया कि रेल मंत्रालय के द्वारा भी रांची लोकसभा क्षेत्र को कई सौगातें दी गई है। पूर्व में रांची और पिस्का नगड़ी रेलवे स्टेशन के पुनरुद्धार का काम चल रहा है। इसे नया रूप दिया जा रहा है। 600 करोड़ से अधिक की राशि से यह कार्य आरंभ हो चुका है। वही इस नए बजट सत्र में रांची लोकसभा क्षेत्र के हटिया, बालश्रृंग, पिस्का नगड़ी, चांडिल, सिल्ली व टाटीसिल्वे रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाए जाने की बात कही गई है। करोड़ों की लागत से इन सभी स्टेशनों को नया रूप दिया जाएगा। रेल की रफ्तार को और भी गति प्रदान हो, उसके लिए रेल मंत्री खुद लगातार रेलवे के हर क्षेत्र की समीक्षा कर रहे हैं। हटिया-बंडामुंडा और लोधमा-पिस्का रेल लाइन को लेकर मैं बराबर माननीय रेल मंत्री जी से मिलता रहा था, इसका परिणाम यह मिला कि इन दोनों ही रेल लाइनों के विस्तार और विकास के लिए 370 करोड़ की राशि आवंटित की गई है।

