दीपावली पर ‘जनआशीर्वाद’ का महासागर — कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने पूर्णियां सदर सीट से भरा नामांकन,
कांग्रेस के स्टार प्रचारक पूर्णियां सांसद पप्पू यादव बोले : राहुल गांधी होंगे देश के प्रधानमंत्री
पूर्णिया:नामांकन के अंतिम दिन सोमवार का दिन पूर्णिया सदर विधानसभा के लिए ऐतिहासिक बन गया।
महागठबंधन समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने आज नामांकन दाखिल कर चुनावी रण में औपचारिक रूप से प्रवेश किया। लेकिन यह महज़ नामांकन नहीं था — यह ‘जनता के विश्वास का महोत्सव’ बन गया, जिसमें पूरे शहर की धड़कनें शामिल थीं।तीन मंदिरों से शुरू हुई ‘आशीर्वाद यात्रा’सुबह जितेंद्र यादव ने मां पूरणदेवी मंदिर, काली मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।
धार्मिक स्थलों से आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने खुश्कीबाग आवास से नामांकन स्थल तक बाइक रैली निकाली।
रास्ते भर “हाथ को जिताओ — विकास लाओ” के नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा।
नामांकन के बाद उन्होंने कचहरी परिसर स्थित हनुमान मंदिर में माथा टेका, और कला भवन पहुंचते ही हजारों समर्थकों की गूंज ने स्वागत किया।सभा में पहुंचे कांग्रेस के स्टार प्रचारक सह पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा —“जितेंद्र यादव एक ईमानदार, कर्मठ और जनता के बीच रहने वाले नेता हैं।
पूर्णिया से उठी यह लहर दिल्ली तक जाएगी।
राहुल गांधी इस देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे, और बिहार में इस बदलाव की नींव पूर्णिया से पड़ेगी।”उन्होंने जनता से अपील की — “धनबल और बाहुबल नहीं, अब जनबल से जीत तय होगी।
जितेंद्र यादव को जिताना मतलब युवाओं, किसानों और गरीबों की आवाज को विधानमंडल तक पहुंचाना है।”कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने कहा — “पूर्णिया की जनता ने हमेशा सच्चे प्रतिनिधि को आगे बढ़ाया है।
जितेंद्र यादव उसी परंपरा के वाहक हैं।
यह चुनाव विचारधारा बनाम अवसरवाद की लड़ाई है, जिसमें जनता का मन साफ दिख रहा है।”
जितेंद्र यादव ने दीपावली की शाम जनसैलाब को देख कहा —“यह भीड़ नहीं, मेरा परिवार है। यह चुनाव सत्ता का नहीं, सेवा का माध्यम है। मैं उस पूर्णिया का सपना देखता हूँ जो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में अग्रणी हो।”
उन्होंने राहुल गांधी, खड़गे, प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव, रंजीत रंजन और पप्पू यादव सहित महागठबंधन के शीर्षस्थ नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि “अब जनता का आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।”
प्रत्याशी के धर्मपत्नी मेयर विभा यादव मंच पर आईं, तो सभा भावनाओं से भर गई।
उन्होंने कहा —“मैं मेयर के रूप में नहीं, बल्कि पत्नी और बहू के रूप में आपके बीच आई हूं।
नगर निगम में मैंने जनता की सेवा की है, अब जनता के आशीर्वाद से अपने पति को सेवा का बड़ा अवसर देना चाहती हूं।
पूर्णिया की बहू को खाली हाथ मत लौटाइएगा।”
सभा में उपस्थित समर्थक “भरोसे की जीत होगी” और “पूर्णिया बोलेगा — बदलाव होगा” के नारों से गूंज उठे।
🔸 महागठबंधन की एकजुटता का प्रदर्शन
सभा में कांग्रेस के साथ राजद, माले, भाकपा समेत सभी घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कला भवन का परिसर तिरंगे झंडों और “जय भारत, जय बिहार” के नारों से रंगीन हो उठा।
स्थानीय नेताओं ने कहा — “पूर्णिया की यह एकजुटता बिहार में महागठबंधन के पुनरुत्थान का प्रतीक है।”
सभा की खास झलकियाँ
तीन मंदिरों में पूजा से आरंभ हुआ कार्यक्रम
बाइक रैली में युवाओं की भारी भागीदारी
दीपावली के दिन रिकॉर्ड भीड़
महिला समर्थकों की बड़ी संख्या
स्थानीय कलाकारों ने गाए जागरण गीत
1️⃣ कला भवन पहुंचने पर समर्थकों का अभिवादन करते कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र यादव
2️⃣ नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना का दृश्य
3️⃣ सभा में मंच साझा करते पप्पू यादव, शकील अहमद खान और विभा यादव
दीपों संग जगा लोकतंत्र का दीपक
दीपावली के दिन पूर्णिया में उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि जनता अब चेहरों से ज्यादा चरित्र देख रही है।
नामांकन सह आशीर्वाद सभा ने यह संदेश दिया कि यह चुनाव जाति या दल नहीं, भरोसे और बदलाव की राजनीति का उत्सव है।
जितेंद्र यादव की उम्मीदवारी ने पूर्णिया की सियासत में नई ऊर्जा भरी है —और अगर यह ऊर्जा इसी तरह बरकरार रही, तो 62 नंबर सीट पर “जनता का दीपक” सत्ता की चौखट तक जरूर पहुंचेगा।



