मुक्तापुर से नीतीश का अटूट नाता, 8वीं बार चुनावी सभा को संबोधित किए, पुराने साथी को देख हुए भावुक
भागलपुर। कहलगांव विधानसभा स्थित मुक्तापुर की धरती ने इस बार इतिहास रच दिया। सोमवार को जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां 8वीं बार जनसभा को संबोधित करने पहुंचे, तो विशाल जनसैलाब देख वे खुद भी भावुक हो उठे। मंच से मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा – मैंने कई सभाएं देखी हैं, लेकिन मुक्तापुर का उत्साह हमेशा अलग होता है। आप लोगों का यह स्नेह ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
यह जनसभा कहलगांव विधानसभा क्षेत्र के जेडीयू प्रत्याशी शुभानंद मुकेश के समर्थन में आयोजित की गई थी। भीड़ का जनसैलाब इतना बड़ा था कि मैदान से लेकर आसपास की गलियों तक लोगों की कतारें उमड़ आईं। वरिष्ठ नेता बताते हैं कि पिछले कई चुनावों में इतनी बड़ी भीड़ मुक्तापुर में कभी नहीं देखी गई थी।
मुक्तापुर और नीतीश कुमार का रिश्ता आज का नहीं, बल्कि तीन दशकों पुराना है। समता पार्टी के समय से ही यहां के लोगों का प्यार, विश्वास और आत्मीयता नीतीश को मिलती रही है। उस दौर में जब राजनीति सादगी और संवाद पर आधारित थी, नीतीश ने मुक्तापुर के लोगों के साथ एक ऐसा संबंध बनाया जो आज भी उतना ही गहरा है।
आज की सभा में भी नीतीश के सबसे करीबी सहयोगी रहे सकलदेव मंडल मंच पर मौजूद थे। राजनीतिक गलियारों में यह नाम उस वक्त से जाना जाता है जब समता पार्टी की स्थापना के बाद कहलगांव के शारदा पाठशाला मैदान में नीतीश कुमार की ऐतिहासिक सभा हुई थी। उस सभा का मंच संचालन भी सकलदेव मंडल ने ही किया था – उनके ओजपूर्ण भाषणों से लोग देर तक मंत्रमुग्ध रह जाते थे।
नीतीश के साथ मंच पर पुरानी यादें ताज़ा
आज की जनसभा में जब नीतीश ने मंच से लोगों का अभिवादन किया, तो मंच पर बैठे पुराने साथी भावुक हो उठे। सकलदेव मंडल के पुत्र प्रभात रंजन ने बताया – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार 2005 में जेडीयू प्रत्याशी अजय मंडल के समर्थन में मुक्तापुर आए थे। इसके बाद वे भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय सुशील मोदी और सैयद शाहनवाज हुसैन के लिए भी मुक्तापुर की धरती से जनसभा को संबोधित कर चुके हैं। प्रभात रंजन ने आगे कहा कि “मुक्तापुर की जनता का नीतीश जी से लगाव सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि भावनात्मक रिश्ता है। यहां के लोग उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानते हैं।
ऐतिहासिक भीड़ ने सबको किया हैरान
आज की सभा में उत्साह का आलम ऐसा था कि मंच से लेकर मैदान तक ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’, ‘शुभानंद मुकेश विजय हो’ के नारे गूंजते रहे।
महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कई ग्रामीणों ने अपने बच्चों को कंधे पर बैठाकर भाषण सुना। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी अपनी योजनाओं की उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने कहा – बिहार को नई दिशा देने का कार्य हमने जनता के सहयोग से किया है। विकास की यह यात्रा रुकने नहीं देंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुक्तापुर हमेशा से नीतीश कुमार के लिए शुभ स्थान रहा है।
हर बार जब वे यहां आए हैं, उन्हें क्षेत्रीय राजनीति में नई ऊर्जा और जनसमर्थन मिला है।
इस बार की सभा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मुक्तापुर नीतीश की राजनीति का अभिन्न अध्याय बन चुका है। सभा के अंत में मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर कहा – आपका यह स्नेह, यह समर्थन मेरे लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं। जब तक आप साथ हैं, बिहार आगे बढ़ता रहेगा।



