खूंटी में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, टूरिज्म, पशुपालन सहित अन्य सभी क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किये जा सकते : डीसी
खूंटी : उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय के सभागार में ‘‘‘वर्ष 2047 में खूंटी कैसा हो‘‘ विषयक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा उक्त विजन के मद्येनजर तैयार किये जाने वाले विजन डाक्यूमेंट के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। साथ ही बैठक में शामिल विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों से अगले 5 साल में खूंटी कैसा हो, इस संबंध में विजन डाक्यूमेंट तैयार कर जिला प्रशासन को समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन आपसे जानना चाहती है कि किस-किस क्षेत्र में आप कैसे बेहतर नये काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में टेक्नालॉजी के क्षेत्र में लगातार परिवर्तन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईटी के माध्यम से हरेक क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित किये जा सकते हैं। आधुनिक टेक्नालॉजी को अपना कर खूंटी में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, टूरिज्म, पशुपालन सहित अन्य सभी क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किये जा सकते है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के वतर्मान दौर में सभी सरकार विद्यालयों में लैब की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालयों के परिसर में आईटी सेंटर खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आईटी की भूमिका हरेक क्षेत्र लाई जानी चाहिए। इससे भविष्य में विकास की दिशा को एक नया आयाम मिलेगा।
मौके पर उप विकास आयुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह ने कहा कि विकास के नये कार्य को संचालित करने के लिए हमेशा सकारात्क सोच की आवश्यकता होती है। सोच का कोई दायरा नहीं होता है। जहां तक सोचा जाय, वहां तक पहुंचा जा सकता है । अपनी सोच को धरातल पर कैसे उतारा जाय। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के पदाधिकारी यह सोचे कि पिछले पांच सालों के दौरान उन्होंने कौन- कौन सी उपलब्धियां प्राप्त की और उनमें कैसे सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सूचना और जानकारी के आभाव में उचित तरीके से कार्यों का निष्पादन नहीं किया जा सकता है। इस हेतु यथोचित टेक्नॉलाजी के तहत कार्य करना आवश्यक होता है।
मौके पर परियोजना निर्देशक, आईटीडीए, खूंटी, अपर समाहर्ता, खूंटी, अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित विभिन्न विमाग के पदाधिकारी मौजूद थे।

