सेल और राइट्स के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
बोकारो – बोकारो इस्पात संयंत्र सहित सेल की विभिन्न इकाइयों और खानों में लॉजिस्टिक्स तथा परिचालन दक्षता को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ने नवरत्न उपक्रम राइट्स लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में सेल की ओर से अधिशासी निदेशक (प्रचालन) पी. के. बैसाखिया तथा राइट्स की ओर से अधिशासी निदेशक (तकनीकी सेवाएँ) संदीप जैन ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।विदित हो कि सेल अपने संयंत्रों और खदानों के परिसरों के भीतर एक समर्पित ‘मिनी रेल नेटवर्क’ का संचालन करता है, जो कच्चे माल की आवक, इन-प्रोसेस ट्रांसफर तथा तैयार उत्पादों के निर्बाध परिवहन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संयंत्र की भविष्य की क्षमता विस्तार योजनाओं और वर्तमान उत्पादन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए डीजल लोकोमोटिव बेड़े का प्रभावी रखरखाव, जिसमें वेट-लीज्ड लोकोमोटिव भी शामिल हैं, अत्यंत अनिवार्य है।
वर्तमान समय में, जब भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की दिशा में तेजी से अग्रसर है, राइट्स लिमिटेड डीजल लोकोमोटिव के संचालन एवं रखरखाव में अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से सेल के डीजल बेड़े की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान करेगा। भारतीय रेलवे की सुविधाओं, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता तथा कुशल जनशक्ति के विशाल नेटवर्क के साथ राइट्स, सेल की परिचालन आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम है।इस सहयोग के माध्यम से दोनों संगठन अपनी मुख्य दक्षताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिचालन लागत को अनुकूलित करने तथा कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में कार्य करेंगे। यह पहल कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और पर्यावरण-अनुकूल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम सिद्ध होगी।बीएसएल के संदर्भ में यह समझौता ज्ञापन बोकारो इस्पात संयंत्र की परिचालन दक्षता और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को नई मजबूती प्रदान करेगा। डीजल लोकोमोटिव बेड़े के बेहतर रखरखाव से न केवल संयंत्र के आंतरिक परिवहन की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि यह उत्पादन लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में भी सहायक होगा, जो अंतत संयंत्र की समग्र उत्पादकता में योगदान देगा।



