महापर्व उपरांत विसर्जन के क्रम में डूबने की घटना रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं : कुंदन कुमार

चिन्हित स्थल पर बैनर, फ्लेक्स, होर्डिंग जनसामान्य को करें सावधान

आमजन को जागरुक कर, क्षमतावर्धन कराना सुनिश्चित करें

बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिला में आसन्न विभिन्न पर्व एवं पर्व उपरांत प्रतिमा विसर्जन के क्रम में नदी, तालाब में स्नान के क्रम में श्रद्धालुओं की डूबने से मृत्यु हो जाती है। उसपर रोक लगाने दिशा में ठोस कदम उठाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक शनिवार को संपन्न हुई। उपर्युक्त समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त अनील कुमार, सहायक समाहर्त्ता शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता-सह-जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी अनील राय, वरीय उप समाहर्ता रवि प्रकाश व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला पदाधिकारी ने कहा कि पर्व स्नान एवं प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबकर मृत्यु की घटना पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। इसके लिए जन जागरुकता एवं क्षमतावर्धन के लिए विभिन्न माध्यम से डूबने की घटना को कम किया जा सकता है। इस दिशा में प्रशासन सकारात्मक ठोस कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निदेश दिया कि जिला, अनुमंडल, अंचल स्तर पर अध्ययन कर संवेदनशील नदी, नहर, तालाब, गढ्ढ़ा को चिन्हित करें। इन चिन्हित स्थानों को सुरक्षित करने के कारगर उपाय जैसे खतरनाक स्थल का बैरिकेटेड साइन बोर्ड अवश्य लगाना सुनिश्चित किए जाएं। ऐसे स्थलों पर सघन जन-जागृति कार्यक्रम का आयोजन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक वालन्टियर्स को पूर्व में प्रशिक्षित कराया गया है। उन सभी का सदुपायोग इस पुनीत कार्य में किया जाय। उन्हें चिन्हित स्थलों के आसपास गांव में जहां के लोग उस स्थल पर पर्व में शामिल होते हैं, उनके बीच जन-जागृति एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम संचालित किए जाये। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने खतरनाक स्थलों पर बैनर, होर्डिंग, फ्लेक्स से लोगों को सावधान करना सुनिश्चित करें। अवैध बालू उत्खनन एवं मिट्टी काटने के कारण भी डूबने की घटनाएं हो सकती है, उसपर अंकुश लगाना सुनिश्चित किए जाएं, एसडीआरएफ की टीम से क्षमतावर्धन कार्य कराना सुनिश्चित करें पदाधिकारी।

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